अस्पतालों में मरीजों को होना पड़ रहा परेशान:250 डॉक्टर्स एपीओ; नियुक्ति का इंतजार…सरकार 2 माह से रुके 2 फैसले कर ले तो मरीजों को मिले राहत

एक ओर डॉक्टर्स की कमी की वजह से अस्पतालों में मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है वहीं दूसरी ओर एपीओ किए गए 250 से अधिक डॉक्टर्स पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं। यदि सरकार इन डॉक्टर्स को पोस्टिंग दे तो विभिन्न अस्पतालों में मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा। हालांकि चिकित्सा विभाग की ओर से कई डॉक्टर्स की पोस्टिंग के लिए राज्य सरकार को पत्रावली भेजी गई है लेकिन दो महीने में सरकार इस पर कोई निर्णय नहीं कर सकी है। मामले के अनुसार कई कारणों के चलते सरकार ने डॉक्टर्स को एपीओ किया। जांच और कार्रवाई के बाद इन डॉक्टर्स को पोस्टिंग देना भी तय किया गया। लेकिन सरकार ने इन्हें पोस्टिंग नहीं दी। ऐसे में करीब दो महीने से डॉक्टर्स एपीओ ही हैं और सरकार को लाखों रुपए का वेतन बिना किसी काम के देना पड़ रहा है। यदि सरकार समय पर ही इन्हें पोस्टिंग दे तो ना केवल लाखों रुपए वेस्ट होने से बचेंगे बल्कि अस्पतालों में मरीजों को भी इलाज मिलेगा और काफी राहत मिलेगी। मामले में जनस्वास्थ्य 42 दिन में भी अधीक्षक तय नहीं कर पाई सरकार, दो बार ले चुकी है आवेदन सरकार के ढुलमुल रवैये के चलते अस्पतालों के अधीक्षक 42 दिन बाद भी तय नहीं हो सकें। 6 माह में दो बार आवेदन मांगे जा चुके हैं लेकिन अभी तक न स्क्रीनिंग हुई है और ना ही इंटरव्यू के लिए तारीख तय की गई। अधीक्षक तय नहीं कर पाने से अस्पतालों में होने वाले काम अटके हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि जो अभी अधीक्षक पद पर लगे हुए हैं, वे कुछ भी तय नहीं कर पा रहे हैं। प्रदेश में 30 अस्पतालों के अधीक्षक पद के लिए आवेदन दो बार मांगे जा चुके हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 6 कॉलेजों के 30 अस्पतालों के लिए आवेदन मांगे थे। पहले विभाग ने प्रक्रिया करते हुए अगस्त में इंटरव्यू भी कर दिए, लेकिन योग्य आवेदन नहीं आने का हवाला देते हुए फिर से आवेदन मांगे गए और पूरी प्रक्रिया निरस्त कर दी गई। करीब दो महीने बीतने के बाद भी इंटरव्यू की तारीख तय नहीं की जा सकी है। सामने आया है कि कई अस्पतालों में अधीक्षक लगाने के लिए विकल्प ही नहीं हैं। ऐसे में तय नहीं हो पा रहा है कि किसे-कहां लगाया जाए। एसएमएस मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध आठ, अजमेर मेडिकल कॉलेज के दो, बीकानेर मेडिकल कॉलेज के चार, जोधपुर मेडिकल कॉलेज के सात, कोटा मेडिकल कॉलेज के पांच और उदयपुर मेडिकल कॉलेज के चार अस्पतालों में नए अधीक्षक लगाए जाने हैं। निदेशक डॉ.रवि प्रकाश माथुर ने कहा है कि जल्दी ही पोस्टिंग होगी। नियमों के अनुसार पत्रावली राज्य सरकार को भेजी गई है।

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