अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक रविवार को जयपुर में शुरू हुई। इस बैठक में 26 राज्यों से आए 300 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के मुख्य मुद्दों में अहीर रेजिमेंट की मांग को तेज करना, जातिगत जनगणना से संबंधित विरोध और प्रदर्शन पर बड़ा फैसला लेना, और संगठन के कार्यों की समीक्षा शामिल रही। महासभा की मुख्य अतिथि केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी यादव उपस्थित रही। कार्यकारिणी की बैठक का उद्घाटन डॉ. स्वपन कुमार घोष की अध्यक्षता में हुआ। इसमें संगठन का ग्राम पंचायत स्तर पर पुनर्गठन करने और अहीर रेजिमेंट की मांग को पूरे देश में जोरदार तरीके से उठाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ। अहीर रेजिमेंट की मांग
राष्ट्रीय महासचिव दिनेश यादव ने कहा कि यादव सैनिकों का भारतीय सेना में ऐतिहासिक योगदान रहा है। 1962, कारगिल और चीन-पाकिस्तान युद्धों में यादव सैनिकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि शहीद सैनिकों में यादवों की संख्या सबसे अधिक रही है। कार्यकारी अध्यक्ष महेंद्र यादव ने सभी प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए समाज को संगठित होकर अपनी मांग सरकार के सामने रखने की बात कही। राजस्थान यादव महासभा के नवनिर्वाचित युवा प्रदेश अध्यक्ष मदन यादव ने बताया कि बैठक के पहले दिन संगठन की संरचनात्मक समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा हुई। जातिगत जनगणना और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा
बैठक में अन्नपूर्णा देवी ने यादव समाज के ऐतिहासिक योगदान और सामाजिक उत्थान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज का विकास देश की तरक्की के लिए जरूरी है। पहले दिन के सत्र में यह भी निर्णय लिया गया कि अहीर समाज के सभी संगठन एकजुट होकर अहीर रेजिमेंट की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाएंगे। साथ ही, जातिगत जनगणना से जुड़े विषयों पर बड़े कदम उठाने पर विचार किया गया। बैठक आज भी जारी रहेगी, जिसमें समाज की अन्य प्रमुख समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा की जाएगी।


