21वें इंटरनेशनल जूनियर साइंस ओलंपियाड (आईजेएसओ) भारतीय टीम ने परचम फहराया है। आईजेएसओ में भारतीय टीम के सभी 6 स्टूडेंट्स ने गोल्ड मैडल हासिल किए है।इस उपलब्धि के चलते 57 देशों के बीच में भारत को कंट्री विनर यानी वर्ल्ड टॉपर भी घोषित किया गया है। कोटा कोचिंग के 4 स्टूडेंट्स ने गोल्ड जीता
कॅरियर इंस्टीट्यूट में निदेशक डॉ. बृजेश माहेश्वरी ने बताया कि रोमानिया के बुखारेस्ट में 2 से 11 दिसंबर तक आयोजित आईजेएसओ में कोटा कोचिंग के क्लास रूम स्टूडेंट्स हर्षित सिंगला, जिनांश जिग्नेश शाह, मानस गोयल एवं प्रणीत माथुर ने भारत का प्रतिनिधित्व किया एवं गोल्ड मैडल हासिल कर देश का मान बढ़ाया है। देश का नाम रोशन करने वाले स्टूडेंट्स शनिवार को अभिभावकों के साथ कोटा पहुंचे। कोचिंग में सभी स्टूडेंट्स और उनके पेरेन्ट्स का स्वागत किया।
तेज बुखार भी नहीं तोड़ पाया हौसला
भारतीय स्टूडेंट्स के गोल्ड मैडल जीतने की कहानी में हौसला भी शामिल है। कोटा आए गोल्ड मैडलिस्ट प्रणीत माथुर एवं हर्षित सिंगला ने बताया कि वातावरण बदलने की वजह अंतिम तीन दिनों में तेज बुखार आ गया था। करीब 102 डिग्री बुखार था। आईजेएसओ प्रोटोकॉल के अनुसार स्टूडेंट्स के पास किसी से संपर्क करने के लिए मोबाइल भी नहीं होता। एक कमरे में दो विद्यार्थियों को ठहराया जाता है। यदि स्टूडेंट्स को कोई समस्या भी होती है तो वहां भारत की तरफ से कंट्री कॉर्डिनेटर होता है। दोनों की तबियत खराब देखकर कॉर्डिनेटर ने समझाया कि यदि तबियत खराब है तो कल का पेपर मत दीजिए। दोनों विद्यार्थियों ने आपस में चर्चा की और कॉर्डिनेटर को कहा कि ‘हमारे देश को हमसे काफी उम्मीदें हैं’। यदि मामूली बुखार की वजह से हिम्मत हारकर बैठ गए तो हमेशा अफसोस रहेगा कि देश के लिए कुछ कर नहीं सके। इसके बाद दोनों ने टेबलेट्स ली, एक-दूसरे को हौंसला दिया और गोल्ड मैडल हासिल कर देश का नाम रोशन कर दिखाया। डॉ. बृजेश माहेश्वरी ने कहा कि यह उपलब्धि गर्व का विषय है और इससे पूरे देश के स्टूडेंट्स का उत्साहवर्द्धन होगा। दुनिया के 57 देशों के स्टूडेंट्स ने ओलम्पियाड में भाग लिया और इनमें श्रेष्ठता साबित करना कोचिंग की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर मुहर है।


