आईटीएटी रिश्वत कांड में सीबीआई की जांच में शहर के एक बिल्डर का नाम भी सामने आया है। सीबीआई ने बिल्डर को पूछताछ के लिए कार्यालय में उपस्थित होने को कहा तो नहीं पहुंचा। इस पर सीबीआई ने गुरुवार रात उसके बेटे को बुला लिया। तीन घंटे पूछताछ के बाद उसे घर भेजा। इधर, सीबीआई गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। सीबीआई के अनुसार बिल्डर विजय गोयल को पूछताछ के लिए तलब किया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए। इस बीच उनकी गैर-हाजिरी पर बेटे को गुरुवार रात बुलाया गया। बेटे से तीन घंटे तक पूछताछ की गई। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर सीबीआई ने उन्हें वापस घर भेज दिया और खुद विजय गोयल को हाजिर होने के निर्देश दिए। गोयल शुक्रवार देर शाम तक नहीं पहुंचे। चारों आरोपी एक-दूसरे पर लगाते रहे आरोप सीबीआई ने शुक्रवार को चार प्रमुख आरोपियों डॉ. एस सीतालक्ष्मी, एडवोकेट राजेंद्र सिंह सिसोदिया, मुज्जमिल और आईटीएटी अकाउंटेंट-मेंबर कमलेश राठौर को एक साथ बैठाकर पूछताछ की। आरोप है कि संदिग्ध लेन-देन, मिली-भगत और संपत्ति व पैसों के दस्तावेजों को लेकर चारों एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे, लेकिन कोई स्पष्ट व संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। सीबीआई अधिकारी बिल्डर विजय गोयल की भूमिका को संदिग्ध मान रहे हैं। उनके सीबीआई कार्यालय में हाज़िरी होने के बाद ही उनकी भूमिका स्पष्ट हो पाएगी। 1.40 करोड़ से अधिक कैश व दस्तावेजों की जांच जारी: मामले में अब तक 1.40 करोड़ रुपए के रिश्वत का मामला उजागर हो चुका। आईटीएटी जयपुर में लंबे समय से चल रहे कथित रिश्वतखोरी सिंडिकेट का मामले में सीबीआई 16 मामलों की जांच कर रही है।


