जालंधर में आई लव मोहम्मद विवाद को लेकर हुए हंगामे के बाद मुस्लिम पक्ष ने 8 अक्टूबर को विरोध जताने का ऐलान किया है। एडवोकेट नईम खान और अयूब खान ने कहा कि पुलिस बीजेपी के दबाव में काम कर रही है। यही कारण है कि जय श्रीराम का नारा लगाने वाले सहित माहौल खराब करने वालों के खिलाफ FIR नहीं की जा रही है।
उन्होंने कहा कि ये विरोध आज ही करना था, मगर शहर में दो दिन 6 और 7 अक्टूबर को भगवान वाल्मीकि की शोभायात्रा है। इसलिए अब 8 अक्टूबर को 12 बजे हम विरोध जताने के लिए मीटिंग करेंगे और आगे की रणनीति बनाएंगे।
आरोप-जयश्रीराम का नारा लगाकर पीसफुल प्रोटेस्ट में दंगा भड़काने की कोशिश
जालंधर में मुस्लिम समाज की ओर से आयोजित पीसफुल प्रोटेस्ट रैली के दौरान योगेश मैनी नामक व्यक्ति द्वारा मुस्लिम समाज को उकसाने के लिए के नारे लगाकर माहौल बिगाड़ने और दंगा भड़काने की कोशिश का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि पुलिस द्वारा बीजेपी के दबाव में आकर अब तक मुख्य आरोपी पर कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई, जिससे मुस्लिम समाज के साथ सभी धर्म के लोगों में में भारी रोष व्याप्त है।
नईम बोले-मामले में एकतरफा कार्रवाई की जा रही है
इस मामले को लेकर आज मुस्लिम संगठन के प्रधान एडवोकेट नईम खान और आम आदमी पार्टी के नेता व वार्ड नंबर 41 के काउंसलर पति अयूब खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस भाजपा के दबाव में एकतरफा कार्रवाई कर रही है। इसके विरोध में सभी धर्मों के प्रतिनिधियों की संयुक्त मीटिंग 8 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे श्री गुरु रविदास चौक पर बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
अयूब खान बोले- भाजपा भाईचारे में फूट डालने की कोशिश कर रही
अयूब खान ने कहा कि भाजपा पंजाब में आपसी भाईचारे के बीच फूट डालने की कोशिश कर रही है, जो अब सबके सामने आ चुकी है। उन्होंने मांग की कि योगेश मैनी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए कि उसे किसने साज़िश के तहत भेजा था। उन्होंने यह भी कहा कि कल भी महर्षि वाल्मीकि शोभा यात्रा और परसों जयंती है, इसलिए 8 अक्टूबर 2025 को दोपहर 12:00 बजे श्री गुरु रविदास चौक में संयुक्त मीटिंग बुलाई गई है जिस पर गहनता से गौर की जाएगी और एक तरफा कार्रवाई की निंदा कीजाएगी। प्रशासन शांति बनाए रखने के लिए निष्पक्ष कार्रवाई करे
वहीं, जमीयत उलेमा-ए-हिंद के जिला प्रधान मजहर आलम ने कहा कि यह बेहद हैरान करने वाली बात है कि पुलिस कमिश्नर दफ्तर के सामने भाजपा समर्थित लोगों द्वारा शांति भंग करने की कोशिश की गई, लेकिन इसके विपरीत कार्रवाई मुस्लिम समाज के लोगों पर की गई,जो निंदनीय है।


