संजय गांधी अस्पताल के बर्न यूनिट में पदस्थ डॉक्टर प्रवेश श्रीवास्तव ने अपने निजी मकान मानस भवन के पास फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया गया कि वे काफी समय से डिप्रेशन में चल रहे थे। पड़ोसियों ने डॉक्टर के आत्महत्या की सूचना अस्पताल प्रबंधन और परिजनों को दी। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मर्ग पंचनामा कार्रवाई करते हुए शव को नीचे उतारा। पुलिस ने पूरे मामले में परिजनों के बयान दर्ज कर रही है। बयान दर्ज कर आगे की जांच में जुटी हुई है। डॉक्टर को किस वजह से तनाव था, इसकी भी जांच पड़ताल की जा रही है। मौके से कोई भी सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। बर्न यूनिट के नर्सिंग ऑफिसर विजय सिंह ने बताया कि वो हमारे साथ ही काम करते थे। लेकिन ऐसा कभी भी महसूस नहीं हुआ कि वे इस तरीके से तनाव में हैं। वे संभाग के सबसे बड़े संजय गांधी अस्पताल के बर्न यूनिट में ही मेडिकल ऑफिसर के पद पर पदस्थ थे। डॉक्टर मूल रूप से रीवा के ही रहने वाले थे। रीवा में जान टावर के पास उनका मकान है। मौत की सूचना सुनकर सभी स्तब्ध हैं और यह विश्वास नहीं कर पा रहे कि आखिरकार घटना की वजह क्या है। उन्होंने इस तरह का आत्मघाती कदम क्यों उठाया। उनका बर्ताव पहले से काफी बदल गया था और वे नजदीकी लोगों से भी पहले की अपेक्षा कम संपर्क में रहते थे।


