लोहरदगा | आदिवासी समन्वय समिति लोहरदगा के अध्यक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद उरांव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि आदिवासियों के मुद्दों पर होने वाले प्रखंड और जिला स्तर के धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार आदिवासियों की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचा रही है, जिससे पूरा आदिवासी समाज आक्रोशित है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सरना पूजा स्थल सिरम टोली, रांची, जहां सरहूल महापर्व की शोभायात्रा निकलती है, वहां अतिक्रमण आदिवासी समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। समिति ने 22 मार्च 2025 को प्रस्तावित रांची बंद का समर्थन किया है। आम नागरिकों, स्कूल-कॉलेजों, विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं, दुकानदारों, ऑटो-रिक्शा और बस चालकों-मालिकों से अपील की गई है कि वे इस बंद को सफल बनाने में सहयोग करें। सिमडेगा|आचार्य पद्मराज स्वामी जी ने उपायुक्त अजय कुमार सिंह को अपने नवीन ग्रंथ प्राकृत व्याकरण भेंट किया। मौके पर दोनों के मध्य प्राकृत भाषा एवं साहित्य के संदर्भ में स्वस्थ चर्चा हुई। आचार्य जी ने कहा कि प्राकृत भाषा एक विशाल भाषा परिवार का सामूहिक नाम है। इसी भाषा में भगवान बुद्ध एवं तीर्थंकर महावीर सहित अन्य महापुरुषों ने अपना जन कल्याणकारी उपदेश प्रदान किया था। इस भाषा में संकलित विपुल साहित्य है जिसमें धर्म, अध्यात्म के अतिरिक्त काव्य, संगीत, स्थापत्य, ज्योतिष, वास्तु, गणित, चिकित्सा आदि विषयों के कालजयी सूत्र संकलित हैं। भास्कर न्यूज|सिमडेगा संस्था नगर अपना के अध्यक्ष चंदन डे ने उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी को आवेदन पत्र देकर दावा आपत्ति संबंधी सूचना लाउड स्पीकर के माध्यम से प्रसारित कराने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा है कि नगर परिषद क्षेत्र के सभी मतदाताओं को सूचित किया गया है कि यदि मतदाता सूची से संबंधित कोई दावा, आपत्ति हो तो नगर परिषद कार्यालय, बीएलओ कार्यालय में 20 मार्च तक विहित प्रपत्र में जमा कराया जा सकता है। 19 मार्च को यह सूचना समाचार पत्रों, सोशल मीडिया में दी गई है। नगर परिषद क्षेत्र के मतदाता बीस वार्डों में हैं। समाचार पत्रों के द्वारा यह महत्वपूर्ण सूचना हजारों मतदाताओं तक नहीं पहुंचाई जा सकती है। साथ ही सिर्फ एक दिन के पहले यह जानकारी दी गई है। इसलिए यह सूचना प्रत्येक वार्ड में लाउड स्पीकर के माध्यम से कराई जाए तथा दावा आपत्ति प्राप्त करने की अवधि के विस्तार पर विचार किया जाए।


