भोपाल से यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा पीथमपुर लाने की तैयारी तेज हाे गई है। जिस रामकी कंपनी (अब आरई सस्टेनेबिलिटी लि.) में यह कचरा आना है, वह अब पुलिस की कड़ी निगरानी में है। कंपनी पहुंचने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग के साथ ही पुलिस जवान तैनात कर दिए गए हैं। बुधवार सुबह तक कचरा भोपाल से पीथमपुर पहुंचने की संभावना है। मंगलवार को धार एसपी मनोज कुमार सिंह व सीएसपी विवेक गुप्ता दल-बल के साथ रामकी कंपनी पहुंचे। यहां कंपनी में ही पुलिस ने अस्थायी चौकी बनाई है। पुलिस ने 25 से ज्यादा हाेटल-लाॅज भी बुक कराए हैं। रेन बसेरा, कम्युनिटी हाॅल आदि स्थानों पर पुलिसकर्मियों काे ठहराया जा रहा है। 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी पीथमपुर पहुंच चुके हैं। उधर, रामकी के अंदर पाेकलेन से बाउंड्रीवॉल के समीप भराव चल रहा है। प्रांगण में दमकल वाहन तैनात किया गया है। जांच के बाद पहले चरण में 37 मीट्रिक टन कचरा जलाएंगे 1200 डिग्री सेल्सियस पर फर्नेस के साथ जहरीले कचरे को जलाया जाएगा। पहले 10 किलो कचरा जलाकर परीक्षण किया जाएगा। फिर राख को परीक्षण के लिए भेजेंगे। जांच केंद्रीय एजेंसी व राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नहीं करेगा बल्कि हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त तीसरी एजेंसी इसका परीक्षण करेगी। इसके बाद पहले चरण में 37 मीट्रिक टन कचरा इन्सिनरैटर में जलाया जाएगा। इसमें प्रति घंटे 90 से 270 किमी कचरा जलाकर ट्रायल रन किया जाएगा। …पीथमपुर बचाओ समिति कल दिल्ली में देगी धरना पीथमपुर बचाओ समिति जहरीला कचरा लाने की विराेध में 2 जनवरी काे दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन करेगी। 3 जनवरी काे विभिन्न मजदूर यूनियन ने भी पीथमपुर बंद का आह्वान किया है। जहां से कचरा जाएगा वहां पूरा ट्रैफिक बंद भोपाल में देर रात तक 5 कंटेनर अपलोड हो चुके थे। बुधवार तक शेष कंटेनर अपलोड हो सकते हैं। एकसाथ 12 कंटेनर रवाना होंगे। जिस इलाके से ये गुजरेंगे वहां ट्रैफिक रोका जाएगा। कचरे में 162 मीट्रिक टन तो सिर्फ मिट्टी है। वहीं 92 मीट्रिक टन
सेविन और नेफ्थॉल के अवशेष हैं। 54 मीट्रिक टन सेमी प्रोसेस्ड पेस्टीसाइड और 29 मीट्रिक टन रिएक्टर के अवशेष हैं। बचे बैग, ड्रम और राख जमीन में दफन किए जाएंगे।


