आठवीं अनुसूची में शामिल करने पर मना विजय दिवस

सरायकेला | टायो गेट स्थित सरना उमूल में संताली भाषा विजय दिवस आयोजित किया गया। अकिल अहला ओल नीतू आसड़ा के तहत ओलचिकी शिक्षक गौरी माझी, मनिषा टुडू, गोपाल हेंब्रम व राजेश टुडू के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन ओलचिकी के जनक पंडित रघुनाथ मुर्मू, वीर शहीद सिद्धू कान्हू व फूलो झानो के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। ओलचिकी भाषा को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प ले अभियान चलाने का निर्णय लिया। मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री कृषि कर्मण पुरस्कार से सम्मानित किसान पूर्व मुखिया सोखेन हेंब्रम ने ओलचिकी भाषा पर प्रकाश डाल इसके उपयोग के लिए समाज के लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि 22 दिसंबर 2003 को संताली भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया है। इस खुशी में समाज द्वारा प्रतिवर्ष संताली भाषा विजय दिवस मनाया जाता है। बुरूडीह पंचायत के श्रीधरपुर रघुनाथ मुर्मू चौक में संथाल पारसी जितकार माहा मनाया गया। इस दौरान नायके बाबा लोबोय हेम्ब्रम ने संथाली लिपि ओलचिकी के जनक गुरू गोमके रघुनाथ मुर्मू के चित्र पर माल्यार्पण कर शुरुआत की। मौके पर मांझी बाबा जादू मार्डी, गुरूबारी हेम्ब्रम, पियो हेम्ब्रम आदि मौज्ूद थे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *