अमृतसर | एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और देहाती पुलिस ने युवक को 1.52 किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान दिलबाग सिंह उर्फ बग्गा निवासी गांव राजाताल है। जानकारी के अनुसार 22 जनवरी को एएनटीएफ गश्त पर थी, तभी राजाताल पुलिस चौकी में तैनात एएसआई दविंदरपाल सिंह को सूचना मिली कि दिलबाग सिंह हेरोइन की सप्लाई करने के लिए किसी ग्राहक का इंतजार कर रहा है। पुलिस ने पिंड राजाताल की फिरनी से गल्लूवाल जाने वाले कच्चे रास्ते पर स्थित श्मशानघाट के पास घेराबंदी की और आरोपी को हेरोइन के साथ काबू कर लिया। जांच में सामने आया है कि आरोपी दिलबाग पाकिस्तानी तस्करों के सीधे संपर्क में था। यह खेप सरहद पार से ड्रोन के जरिए मंगवाई गई थी। आरोपी ने कबूला कि खेप की डिलीवरी करने के बदले ~60 हजार मिलने थे। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल की टीम ने आतंकी साजिश को नाकाम कर बब्बर खालसा इंट्रनेशनल (बीकेआई) से जुड़े ऑपरेटिव को काबू किया है। आरोपी से 65 ग्राम आइस ड्रग, एक हैंड ग्रेनेड और एक ग्लॉक पिस्तौल बरामद की गई। यह कार्रवाई गणतंत्र दिवस के 4 दिन पहले की गई। डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने बताया कि आरोपी हमले की साजिश रच रहा था। पुख्ता खुफिया इनपुट पर की गई कार्रवाई से तुरंत होने वाले हमले को नाकाम किया गया। डीजीपी ने बताया कि आरोपी की पहचान शरणप्रीत सिंह निवासी गांव दीनेवाल जिला तरनतारन के रूप में हुई है। आरोपी विदेश में बैठे आतंकी हैंडलर निशान जौरियन, आदेश जमराई और सिम्मा देओल के इशारे पर काम कर रहा था। इनका मकसद पंजाब में डर और अशांति फैलाना था। एआईजी सुखमिंदर सिंह मान ने बताया कि गुप्त सूचना पर पुलिस टीम ने आरोपी को अमृतसर-तरनतारन हाईवे पर बुंडाला मोड़ से काबू किया। तलाशी में आरोपी से एक ग्लॉक पिस्तौल, पांच कारतूस और 65 ग्राम आइस ड्रग मिली। पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर चर्च के पास छिपाया पी-86 हैंड ग्रेनेड बरामद किया। जांच में सामने आया है कि शरणप्रीत सिंह इस नेटवर्क में अपने चचेरे भाई सिम्मा देओल के जरिए शामिल हुआ था और वह हथियार, विस्फोटक और ड्रग मनी की सप्लाई का काम करता था। आरोपी के खिलाफ थाना एसएसओसी में पर्चा दर्ज किया है। आरोपी से बरामद मोबाइल में एसएसओसी को कई लिंक मिले हैं। अमृतसर-तरनतारन रोड के पास वह आइस ड्रग और पिस्तौल की सप्लाई करने के लिए आया था।


