भास्कर न्यूज | सरायकेला भारत को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने तथा स्थानीय लघु और मध्यम उद्योगों को सेना की आवश्यकताओं से जोड़ने की दिशा में शुक्रवार को आदित्यपुर ऑटो क्लस्टर में दो दिवसीय एमएसएमई डिफेंस कॉन्क्लेव-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। झारखंड में अपनी तरह के पहले राज्य स्तरीय रक्षा सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने दीप प्रज्वलित कर किया। आदित्यपुर स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (एसिया) के अध्यक्ष इंदर अग्रवाल ने कहा कि आदित्यपुर की पहचान अब केवल ऑटोमोबाइल तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि रक्षा उत्पादों के निर्माण में भी यह क्षेत्र नई पहचान बनाएगा। उन्होंने बताया कि इस कॉन्क्लेव में लगभग 500 उद्योगों को आमंत्रित किया गया है। सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष मानव केडिया ने आदित्यपुर-जमशेदपुर क्षेत्र में एक समर्पित डिफेंस सेंटर स्थापित करने की मांग रखी। जियाडा के क्षेत्रीय निदेशक प्रेम रंजन ने बताया कि 5000 एकड़ में फैले औद्योगिक क्षेत्र की 1500 इकाइयां और 50 हजार से अधिक श्रमिक देश की रक्षा आपूर्ति श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कॉन्क्लेव में डीआरडीओ, एचएएल, महिंद्रा डिफेंस सहित 62 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। साथ ही सेमिनार, बी2बी मीटिंग और पैनल चर्चा के माध्यम से उद्यमियों को रक्षा क्षेत्र में प्रवेश के अवसरों से अवगत कराया जा रहा है। ^समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने कहा कि आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में भारत की ”इंडस्ट्रियल कैपिटल” बनने की पूरी क्षमता है। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर और आदित्यपुर अब केवल ऑटोमोबाइल या टाटा मोटर्स तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आने वाले समय में यह क्षेत्र रक्षा उपकरणों के निर्माण का बड़ा केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत 92 से अधिक देशों को रक्षा उपकरण निर्यात कर रहा है। बीते आठ वर्षों में देश में स्टार्टअप्स की संख्या 800 से बढ़कर 2 लाख 9 हजार हो गई है, जिससे भारत स्टार्टअप के मामले में विश्व में तीसरे स्थान पर है। इस वित्तीय वर्ष में रक्षा बजट 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जिसका सीधा लाभ एमएसएमई सेक्टर को मिलेगा।


