गढ़वा | जिला में अखिल भारतीय आदिम जनजाति विकास परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले भर से आदिम जनजाति समुदाय के लोग भारी संख्या में एकत्रित हुए। यह बैठक संगठनात्मक मजबूती, जनजातीय अधिकारों की सुरक्षा और सामाजिक विकास के मुद्दों पर केंद्रित रही। बैठक में सर्वसम्मति से नन्हेसर कोरवा को एक बार फिर परिषद का जिला अध्यक्ष चुना गया। बैठक में आदिम जनजातियों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक सशक्तीकरण को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। अध्यक्ष चुने जाने के बाद नन्हेसर कोरवा ने सभी समुदायजनों का आभार व्यक्त किया और कहा कि वे अपने पद की गरिमा को बनाए रखते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं और अधिकारों को पहुंचाने का कार्य करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज को एकजुट रहकर अपनी संस्कृति, परंपरा और अधिकारों की रक्षा करनी होगी। बैठक में परिषद के कई वरिष्ठ और सक्रिय पदाधिकारी उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से कोषाध्यक्ष चंद्रिका कोरवा, धुरकी प्रखंड अध्यक्ष सुनील कोरवा, जिला सदस्य ईश्वरी कोरवा, जिला उपाध्यक्ष रामप्रीत कोरवा, रंका प्रखंड अध्यक्ष लखन कोरवा, चिनिया प्रखंड सचिव वीरेंद्र कोरवा, जिला सदस्य श्यामदेव कोरवा, और भावनाथपुर प्रखंड उपाध्यक्ष शिव प्रसाद कोरवा शामिल थे। इसके अलावा चंद्रदेव कोरवा, लाल बिहारी कोरवा, रामप्रताप कोरवा, शिवपूजन कोरवा, राहुल कोरवा समेत बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के पुरुष, महिलाएं और युवा कार्यक्रम में मौजूद रहे। अनुमानतः हजारों की संख्या में जनसमूह ने इस बैठक में भाग लिया, जो जनजातीय समाज की एकजुटता और जागरूकता का परिचायक था। बैठक के दौरान वक्ताओं ने सरकार से आदिम जनजातियों के लिए विशेष योजनाएं लागू करने, शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने, वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और पारंपरिक आजीविका संरक्षण जैसे मुद्दों पर ध्यान देने की अपील की। कार्यक्रम का समापन सामूहिक संकल्प के साथ हुआ कि समाज की आवाज को संगठित रूप से उठाया जाएगा और अपनी पहचान व अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव संघर्ष किया जाएगा।


