आप नेता गिल ने निगम चुनाव में हार का कारण सरकार की नाकामियां बताई, आरोप भी लगाए

आम आदमी पार्टी के निगम चुनाव में 85 सीटों में 24 तक सिमटने का कारण कैबिनेट मंत्री-विधायकों के बीच टिकट बंटवारे को लेकर खींचतान चलती रही इसे नकारा नहीं जा सकता। इस बीच मेयर नहीं बनने की स्थिति में आप के सीनियर लीडर तलबीर सिंह गिल का वीडियो सामने आया है, जिसमें हार को लेकर सरकार की नाकामियां बताई है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि आप ज्वाइन करके गलती हो गई। तलबीर ने कहा कि 25 साल की राजनीति में पहली बार ऐसा देखने को मिला है कि रुलिंग पार्टी का निगम चुनाव में इतना बुरा हाल हुआ है। 50 से अधिक सीटें आनी चाहिए थी। कांग्रेस-अकाली की जब सरकार थी तो पार्षद चुनाव में सारी सीटें ले गए थे। सीएम भगवंत सिंह मान के कहने पर आप ज्वाइन किया था। उनसे मिलकर बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि एसएचओ-अफसर एमएलए के लगाए हुए हैं, तो काम करवाकर लोगों के सामने रिजल्ट भी उनको ही देना है। साउथ के आप विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर ने कहा कि तलबीर पर कोई कमेंट नहीं करना चाहेंगे। जो विकास काम आप ने करवा दिए, किसी दूसरे सरकार में नहीं हुआ है। भगतांवाला डंप में कभी कूड़ा उठता ही नहीं था, जो उठने लगा। स्टेडियम-लाइब्रेरी से लेकर कई तरह के विकास काम कराए जा रहे हैं। वहीं निगम चुनाव में टिकट देने के लिए कमेटी गठित हुई थी। पार्टी में 8-10 साल से जो वालंटियर्स काम कर रहे थे उनको टिकट दिया गया। निज्जर ने कहा कि पुलिस किसी पर ज्यादती कर रही है यह उनके नोटिस में नहीं है। यदि आया तो ऐसे पुलिस वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। भ्रष्ट अफसर सस्पेंड हो रहे हैं और उन्हें जेल भेजा जा रहा है, जो पहले कभी देखने को नहीं मिलता था। मामले उनकी नोटिस में लाएं तो कार्रवाई जरूर करेंगे। तलबीर ने आरोप लगाया है कि साउथ हलका से 6 सीटों के लिए नाम भेजा था लेकिन 2 सीट फिर एक टिकट का भरोसा दिलाया लेकिन एक भी नहीं मिली। दिन-रात आप पार्टी के लिए काम करने वाले उनके 2 लोग टिंकू-परमिंदर कांग्रेस से टिकट लेकर आए। जिस पर सवाल उठ रहे कि आखिर आप पार्टी से टिकट नहीं मिला तो कांग्रेस पार्टी से टिकट लेकर कैसे आए। फिलहाल ये दोनों ही चुनाव में हार गए। तलबीर ने कहा कि हार का कारण यह भी है कि प्रशासन-पुलिस लोगों को इंसाफ दिलाने की जगह लूट मचाए हुए हैं। गुरुनगरी से एक बंदे को पुलिस ने बिना किसी गलती के उठा लिया। संबंधित थाना के एसएचओ से फोन कर पूछा तो बताया कि दूसरे जिले के सीआईए इंचार्ज लेकर गया है। बंदे का कोई कसूर नहीं होने के बाद भी मारपीट की गई। यहां तक कि करंट भी लगाया। इस मामले को लेकर एसएसपी रोपड़, डीआईजी से बात की। लेकिन पुलिस वाले बंदे को छोड़ने के बाद 25 हजार रुपए ले लिए। हस्तक्षेप करने पर एसएचओ ने 25 हजार रुपए पेटीएम से वापस लौटा दिए। इसके सबूत भी हैं। इसी तरह निगम चुनाव के दौरान ही 10 लोगों को पुलिस ने पकड़ लिया। इसकी जानकारी मिलने पर थाने पर बात की तो कहा कि छोड़ देंगे। वहीं छोड़ते समय 1-1 हजार रुपए देने के लिए कहने लगे। बाद में मुंशी ने कहा कि जाने दो। एक शख्स ने बताया कि लाइसेंस के लिए पैसे ले लिए लेकिन रिन्युअल नहीं कर रहे हैं। तलबीर ने कहा कि लोग किस बात के पैसे दें। यदि यही हाल रहा तो आने वाले जिला परिषद चुनाव में भी ऐसा ही हाल होने वाला है। करीब 8 माह पहले आप ज्वाइन की थी और तब से दिन-रात काम कर रहे हैं। लेकिन अफसर कोई बात सुनते ही नहीं है। लोकसभा चुनाव में सिर्फ अजनाला से 5 हजार तो साउथ से 7 हजार वोटों से जीत मिली ​थी। बाकी सभी हलका से आप को हार मिली थी।

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