आभूषण दुकानों व बैंकों के सीसीटीवी की संख्या और कवरेज एरिया की जांच की गई

भास्कर न्यूज| जयनगर उप विकास आयुक्त रवि जैन ने शनिवार को जयनगर प्रखंड के विभिन्न पंचायतों का दौरा कर मनरेगा एवं आवास योजनाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डोभा निर्माण, पशु शेड, बागवानी सहित अन्य मनरेगा योजनाओं की भौतिक प्रगति की समीक्षा की गई। निरीक्षण के क्रम में उप विकास आयुक्त ने प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी और संबंधित कर्मियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए समयबद्ध ढंग से कार्य पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्य पूर्ण होने के बाद योजनाओं को एमआईएस में समय पर बंद करना सुनिश्चित करें। लंबित योजनाओं को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके बाद प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास प्लस 2.0 में शामिल विवादित मामलों वाले परिवारों के आवासों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान प्रखंड समन्वयक, पंचायत सचिव और प्रखंड विकास पदाधिकारी को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। उप विकास आयुक्त ने अबुआ आवास योजना के अंतर्गत लाभुकों के आवासों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने लाभुकों को शीघ्र ढलाई कार्य पूरा करने और आवास निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। साथ ही प्लास्टर, लिंटर और रंग-रोगन का कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि सभी आवास योजनाओं में शत-प्रतिशत मनरेगा मजदूरी भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि मजदूरों को समय पर उनका पारिश्रमिक मिल सके। उप विकास आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मौके पर बीडीओ गौतम कुमार, बीपीओ विकास कुमार सिंह सहित कई लोग मौजूद। भास्कर न्यूज | कोडरमा जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा आभूषण दुकानों, बैंकों और वित्तीय संस्थानों में होने वाली आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह के निर्देश पर विशेष सुरक्षा ऑडिट अभियान तेज कर दिया गया है। इस अभियान के तहत जिले भर में आभूषण दुकानों, राष्ट्रीयकृत व निजी बैंकों, एटीएम, माइक्रो फाइनेंस संस्थानों एवं अन्य वित्तीय प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था की गहन जांच की जा रही है। सुरक्षा ऑडिट अभियान के अंतर्गत जिले के सभी थाना एवं ओपी क्षेत्रों में स्थित वित्तीय प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार सभी थाना व ओपी प्रभारियों को सुरक्षा ऑडिट के दौरान तय मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठानों की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की जा रही है। सुरक्षा ऑडिट के दौरान सीसीटीवी कैमरों की संख्या, कवरेज एरिया और रिजोल्यूशन की जांच की जा रही है। साथ ही रिकॉर्डिंग की अवधि, बैकअप व्यवस्था और डीवीआर की सुरक्षा व सुचारू संचालन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा अलार्म सिस्टम और पैनिक बटन की उपलब्धता एवं आपात स्थिति में उनकी कार्यक्षमता की भी जांच की जा रही है। पुलिस द्वारा प्रवेश और निकास द्वार की संख्या, शटर, ग्रिल, ताले और बायोमैट्रिक लॉक की स्थिति का भी निरीक्षण किया जा रहा है। इसके साथ ही सुरक्षा गार्ड की तैनाती की स्थिति का आकलन किया जा रहा है। सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों में सुलभ और दृश्य स्थान पर संबंधित थाना प्रभारी, पुलिस निरीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के मोबाइल नंबर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। रात्रि गश्ती की आवश्यकता वाले क्षेत्रों को चिह्नित किया जा रहा है। साथ ही प्रतिष्ठानों के बाहर और भीतर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि रात्रि के समय संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। सुरक्षा ऑडिट के दौरान जिन प्रतिष्ठानों में सुरक्षा व्यवस्था में कमी पाई जा रही है, उन्हें मौके पर ही मौखिक और लिखित रूप से आवश्यक सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं। संबंधित संचालकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। गंभीर लापरवाही पाए जाने पर विधिसम्मत कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह ने कहा कि आभूषण दुकानों और वित्तीय संस्थानों में होने वाली आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए सुरक्षा ऑडिट अत्यंत आवश्यक है। पुलिस और प्रतिष्ठान प्रबंधन के आपसी समन्वय से ही सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने सभी संचालकों से पुलिस द्वारा सुझाए गए सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन करने की अपील की। पुलिस अधीक्षक ने आम नागरिकों, व्यवसायियों और बैंक कर्मियों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या डायल 112 पर दें।

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