कुलसचिव डॉ. गुरु चरण साहू के साथ हुई वार्ता में कर्मचारियों ने निम्न मांगें रखीं -अनुबंध कर्मचारियों को 20% मानदेय वृद्धि -निजी परीक्षा एजेंसी को हटाना -उच्च शिक्षा विभाग में लंबित वेतन निर्धारण की प्रक्रिया पूरी करना -10 वर्षों से सेवा दे रहे अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने के लिए कमेटी का गठन एजुकेशन रिपोर्टर | रांची रांची विश्वविद्यालय में कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रही। प्रशासनिक कामकाज पर इसका व्यापक असर पड़ा। कई विभागों में फाइलों का निष्पादन प्रभावित हुआ। ड्राइवरों के हड़ताल में शामिल होने के कारण अधिकांश अधिकारी निजी वाहन या स्कूटी से मुख्यालय पहुंचे। आरयू कर्मचारी संघ के महामंत्री अर्जुन राम ने कहा कि लंबित मांगों पर ठोस पहल होने तक हड़ताल जारी रहेगी। कर्मचारी नेता नवीन चंचल ने कहा कि कर्मचारियों की डिमांड की अनदेखी की जा रही है, जो उचित नहीं है। पहले परीक्षा से संबंधित सभी कार्य एक करोड़ से कम रुपए में निष्पादित कर लिए जाते थे। अभी निजी एजेंसी को डेढ़ साल का 22 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। कुलसचिव ने 20% मानदेय वृद्धि की प्रक्रिया दो-तीन दिन में पूरा करने का आश्वासन दिया। नियमितीकरण के मुद्दे पर कुलपति से चर्चा कर आगे की कार्रवाई शुरू करने की बात कही। इधर विश्वविद्यालय प्रशासन ने दो मांगों पर सहमति दी है। इसमें अनुबंध कर्मचारियों को सेवा विस्तार और झारखंड पात्रता परीक्षा के दौरान डिग्री वितरण में अतिरिक्त कार्य करने वाले कर्मियों को पारिश्रमिक भुगतान से संबंधित प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। हड़ताल खत्म होते ही भुगतान कर दिया जाएगा। गुरुवार को विभिन्न कॉलेजों के कर्मचारी भी इस हड़ताल में शामिल हुए।


