भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल शनिवार को रतलाम पहुंचे। यहां उन्होंने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इंदौर की घटना दुखद है और इससे सबक लेना जरूरी है। सिस्टम में जहां भी कमी है, उसे दूर किया जाएगा। सरकार ने दोषियों पर कार्रवाई की है। इसके साथ ही उन्होंने मनरेगा की जगह लाए गए ‘जी-रामजी’ बिल का बचाव करते हुए कहा कि इसमें अब 100 की जगह 125 दिन का रोजगार मिलेगा और पहली बार बेरोजगारी भत्ते का प्रावधान किया गया है। खंडेलवाल यहां चेतन्य काश्यप फाउंडेशन के मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह में शामिल होने आए थे। मीडिया से चर्चा में खंडेलवाल ने कहा, “जी-रामजी एक ऐसा बिल है जो हमारा मनरेगा था, उसमें 100 दिन की मजदूरी थी। अब 125 दिन की मजदूरी है। मैं खुद ग्रामीण क्षेत्र से आता हूं। जब मनरेगा के काम चलते थे तब या तो किसान को दिक्कत होती थी या काम प्रभावित होते थे। मजदूर भाइयों को अब इससे डबल काम मिलेगा। पहली बार इसमें बेरोजगारी भत्ता मिले, इसका प्रावधान किया गया है।” मंथन के बाद आया बिल, 2047 का लक्ष्य
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मनरेगा योजना के रिजल्ट अच्छे नहीं थे, इसलिए बदलाव की जरूरत थी। मोदी सरकार ने काम के बदले ज्यादा पैसा दिया है। 2047 तक हमें इस राष्ट्र को विकसित राष्ट्र बनाना है। हमारी हर योजना से इंफ्रास्ट्रक्चर मिले और गांव के बुनियादी ढांचे में बदलाव हो। योजना को साइंटिफिक तरीके से देखा गया है ताकि उसके अच्छे रिजल्ट आ सकें। सरकार पूरे मंथन के बाद ही जी-रामजी बिल लेकर आई है। कांग्रेस ने खुद किया नेहरु जी का अपमान
योजना का नाम बदलने के आरोप पर खंडेलवाल ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, “कई बार कांग्रेस ने इसका नाम बदला है। 1980 में इंदिरा गांधी ने सभी पुरानी योजनाओं का नाम राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना कर दिया। फिर राजीव गांधी ने जवाहर रोजगार दे दिया। सोनिया गांधी ने इसे नरेगा कह दिया। अब कांग्रेस कह रही नाम परिवर्तन कर दिया तो सबसे पहले नेहरु जी के अपमान का काम कांग्रेस ने किया।” उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का सम्मान जितना भाजपा करती है, उतना कोई नहीं करता। सत्ता और संगठन में तालमेल, एक-दूसरे की कमी बताते हैं
निगम मंडलों में नियुक्तियों के सवाल पर उन्होंने कहा कि मुझे अभी 5 से 6 माह ही हुए हैं। पार्टी को जहां कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देनी है, उसकी चिंता सरकार और संगठन मिलकर करते हैं। हमारी प्राथमिकता संगठन को सुचारू करना है। भाजपा में सत्ता और संगठन समानांतर चलते हैं। संगठन में कमी होने पर सरकार बताती है और सरकार में कमी होने पर संगठन बताता है। हमारे यहां जैसा अच्छा सामंजस्य है, वैसा कहीं नहीं है। सिस्टम की कमी दूर करना जरूरी
इंदौर में दूषित पानी से मौतों पर कांग्रेस के विरोध को लेकर उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपना काम करे, सरकार और संगठन का काम संज्ञान लेना है। जो समस्या आ रही है, उसे दूर करना है। दोषी पर सरकार ने कार्रवाई भी की है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आगे कोई छोटी घटना बड़ा स्वरूप न ले।


