इंदौर को एक और रत्न मिला है। शहर के बेटे तनिष्क अग्रवाल भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बने हैं। फ्लाइंग ब्रांच के पायलट कोर्स में प्रथम रैंक प्राप्त करने पर उन्हें प्रेसीडेंट का प्लेक और नवानगर स्वॉर्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया। हैदराबाद के समीप दुंडीगल में भारतीय वायुसेना अकादमी की संयुक्त ग्रेजुएशन परेड में तनिष्क को इस उपलब्धि से नवाजा गया। आईपीएस एकेडमी के फायर एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट के छात्र रहे तनिष्क ने 2022 में बीटेक किया। इसके बाद उन्होंने रिलायंस में नौकरी करने के साथ-साथ एसएसबी की तैयारी की और वायुसेना में भर्ती हुए। 13 दिसंबर को वे फ्लाइंग ऑफिसर के पद पर कमीशन हुए हैं। जुनून ऐसा… कॉलेज समय से ही एयरफोर्स की डॉक्यूमेंट्री देखते तनिष्क के बड़े भाई भी भारतीय सेना में हैं। उन्होंने भी कॉलेज की पढ़ाई के साथ-साथ एसएसबी की तैयारी शुरू की थी। उन्हीं से प्रेरित होकर तनिष्क ने आर्मी और एयरफोर्स की डॉक्यूमेंट्री देखना कॉलेज के समय शुरू किया। एयरफोर्स में जाने के उनके जुनून को माता-पिता ने भी सराहा। फरवरी 2024 में एसएसबी क्लीयर कर जुलाई 2024 में ट्रेनिंग शुरू की। वे बताते हैं अकादमी का डेढ़ साल बेहद चुनौतीभरा था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। संयुक्त ग्रेजुएशन परेड के लिए इंदौर से तनिष्क के माता-पिता योगिता और रामावतार अग्रवाल भी दुंडीगल पहुंचे। स्वॉर्ड ऑफ ऑनर स्वॉर्ड ऑफ ऑनर (Sword of Honour) भारतीय सैन्य अकादमियों में प्रशिक्षण के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कैडेट को दिया जाने वाला प्रतिष्ठित सम्मान है। यह समग्र शैक्षणिक, शारीरिक और नेतृत्व क्षमताओं में उच्चतम स्थान प्राप्त करने वाले को मिलता है। यह कड़ी मेहनत, समर्पण और उत्कृष्टता का प्रतीक है, जिसे पाने वाला कैडेट उस अकादमी का टॉपर होता है। 244 की बैच; 215 पुरुष और 29 महिला ऑफिसर शामिल तनिष्क के साथ 244 फ्लाइट कैडेट्स भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में कमीशन हुए। इनमें 215 पुरुष और 29 महिला ऑफिसर शामिल हैं। तनिष्क की उपलब्धि को आईपीएस अकादमी के अध्यक्ष अचल चौधरी और इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग साइंस की प्राचार्य डॉ. अर्चना चौधरी ने सराहा। कॉलेज परिसर में उनका स्वागत किया। समारोह में ग्रुप कैप्टन मार्शल (से.नि.) अभिमन्यु झावेरी, प्राचार्य डॉ. अर्चना कीर्ति चौधरी, राजेश चौधरी योगेंद्र जैन, डॉ. प्रवीण पटेल आदि मौजूद रहे।


