भास्कर न्यूज | कवर्धा प्रदेश पंचायत सचिव संघ छत्तीसगढ़ के आह्वान पर 17 मार्च से शुरू हुई विधानसभा घेराव रैली के बाद सोमवार को पंचायत सचिवों की हड़ताल 21वें दिन भी जारी रही। ब्लॉक मुख्यालय कवर्धा में ब्लॉक इकाई के सचिव एक सूत्रीय मांग शासकीयकरण को लेकर डटे हुए हैं। हड़ताल के 21वें दिन सोमवार को पंचायत सचिवों ने रैली निकाली। रैली की शक्ल में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट गेट के बाहर मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। इसके बाद संघ के एक प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर गोपाल वर्मा से मुलाकात की। शासकीयकरण की एक सूत्रीय मांग को लेकर प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। गौरतलब है कि कबीरधाम जिले में 436 पंचायत सचिव कार्यरत हैं। वर्षों से शासकीय करण की मांग की जा रही है। अभी भी मांग को मनवाने जिले के चारों जनपद मुख्यालय में सचिव अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं। पंचायत सचिव केशव कौशिक ने बताया कि विधानसभा चुनाव 2023-24 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी और जन घोषणा पत्र में पंचायत सचिवों के शासकीय करण का वादा किया गया था। सरकार बनने के 100 दिन के भीतर इसे पूरा करने का आश्वासन भी दिया गया। 400 दिन से ज्यादा बीतने के बाद भी ठोस कदम नहीं उठाया गया। पंचायत सचिवों का आरोप है कि सरकार सिर्फ समिति बनाकर गुमराह कर रही है। पिछले 30 वर्षों से ऐसी समितियां बनती रही हैं। लेकिन इस बार सचिव किसी झांसे में नहीं आ रहे। वे सिर्फ शासकीय करण की मांग को लेकर आंदोलन पर बैठे हैं। इसी क्रम में आज जिले के सभी पंचायत सचिवों ने रैली निकाली। इसके बाद कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।


