राजधानी में सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। तीन दिन बाद नया साल आ जाएगा। आंकड़े बताते हैं कि बीत रहे साल के अंतिम सात दिन और नए साल के प्रथम सप्ताह में दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ जाती है। क्योंकि नए साल के जश्न में लोग शराब का नशा कर वाहन चलाते हैं। इसमें खास कर युवा ही होते हैं। साल 2024 के दिसंबर के अंतिम सप्ताह और जनवरी 2025 के प्रथम सप्ताह में हुई दुर्घटनाओं के आंकड़े देखें तो इन 15 दिनों में ही रांची में 35 से अधिक सड़क हादसे हुए, जिनमें 14 लोगों की मौत हो गई थी। सड़क सुरक्षा को लेकर ट्रैफिक पुलिस के अलावा सड़क सुरक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे तमाम प्रयासों और सख्ती के बावजूद साल 2025 में सड़क दुर्घटनाएं कम होने की जगह बढ़ गईं। साल 2024 में कुल 746 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जबकि इस साल अबतक यह आंकड़ा बढ़कर 791 हो गया है। रोड एक्सीडेंट में होने वाली मौत के आंकड़े भी डरावने हैं। पिछले साल हुई सड़क दुर्घटनाओं में 550 लोगों की मौत हुई थी, जबकि इस साल अबतक 527 लोगों की मौत हो चुकी है। अभी साल खत्म होने में 4 दिन बचे हैं और ये 4 दिन सड़क हादसों के लिहाज से बेहद खतरनाक होते हैं। इस साल 791 जगहों पर हुए रोड एक्सीडेंट में 413 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इन 3 रूटों पर सबसे ज्यादा एक्सीडेंट 4 जगह ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित राजधानी में 4 जगहों को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है। एक ब्लैक स्पॉट शहर में है, जबकि 3 रिंग रोड के पास। शहर में सिर्फ खेलगांव चौक को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिंह्नत किया गया है, जहां दुर्घटनाओं को रोकने के लिए साइनेज के अलावा ब्रेकर लगाए गए हैं। वाहन की रफ्तार को कम करने के लिए ट्रैफिक पुलिस अक्सर चेकिंग अभियान भी चलाती है। इसका असर भी दिखा है। सड़क दुर्घटनाओं में वहां कमी आई है लेकिन पूर्ण रूप से रोका नहीं जा सका है। इसके अलावा नामकुम में 2 जगह, जबकि दलादली में एक स्थान को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है। एक्सपर्ट व्यूः नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई जरूरी रोड सेफ्टी एक्टिविस्ट सह राज्जअप के संस्थापक ऋषभ आनंद ने कहा कि वाहनों की तेज रफ्तार ही दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण है। इसे कम करने के लिए वाहनों को रफ्तार पर लगाम लगाने की जरूरत है। ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। खतरनाक स्टंट और तेज रफ्तार वाहन चलाते हुए वीडियो को लाखों लोग पसंद करते हैं, जिससे नियम तोड़ने वालों को बढ़ावा मिल रहा है। इसे रोकने की जरूरत है। – ऋषभ आनंद, रोड संपटी एक्टिविस्ट


