जनवरी के आखिरी सप्ताह में उज्जैन में ठंड का असर एक बार फिर तेज हो गया है। सुबह के समय शहर की प्रमुख सड़कें लगभग खाली नजर आ रही हैं, जबकि बस स्टॉप और स्कूल मार्गों पर बच्चे ठंड से ठिठुरते हुए बस का इंतजार करते दिखाई दिए। शासकीय जीवाजी वेधशाला उज्जैन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार बीते चार दिनों में तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है। 27 जनवरी को न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस था, जो 30 जनवरी को घटकर 11 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं अधिकतम तापमान 27 जनवरी को 28 डिग्री, 29 जनवरी को घटकर 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 30 जनवरी के लिए अधिकतम तापमान के आंकड़े अभी उपलब्ध नहीं हैं। हवा ने बढ़ाई ठंडक सुबह के समय हवा की रफ्तार 2 से 8 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई, जिससे ठंड का असर और अधिक महसूस हुआ। जीवाजी वेधशाला के अनुसार उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय जेट स्ट्रीम और पश्चिमी विक्षोभ के कारण ठंडी हवा का प्रभाव बना हुआ है। इसी वजह से रातें अधिक सर्द हो रही हैं, हालांकि दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखी जा रही है। बस स्टॉप पर ठिठुरते बच्चे ठंड के चलते सुबह मुख्य सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। बस स्टॉप पर बच्चे गर्म कपड़ों में लिपटे हुए स्कूल बस का इंतजार करते नजर आए। अभिभावकों ने बताया कि परीक्षाओं के चलते बच्चों को स्कूल भेजना मजबूरी है, लेकिन बढ़ती ठंड के कारण उन्हें परेशानी हो रही है। 31 जनवरी तक बदला रहेगा स्कूलों का समय ठंड के बढ़ते असर को देखते हुए कलेक्टर रौशन सिंह ने 18 दिसंबर 2025 को जिले के सभी स्कूलों का समय सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक करने के आदेश जारी किए थे। यह आदेश 31 जनवरी तक लागू रहेगा। इससे पहले भी जनवरी में जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया था, तब प्रशासन ने स्कूलों के समय में इसी तरह का बदलाव किया था।


