भास्कर न्यूज | लुधियाना बसंत सिटी स्थित बीसीएम स्कूल का प्रांगण स्वामी विवेकानंद के ओजस्वी विचारों से महक उठा। भारत विकास परिषद शहीद सुखदेव शाखा द्वारा आयोजित राष्ट्रीय युवा दिवस समारोह में विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन से जोड़ते हुए उनमें अनुशासन, सुदृढ़ चरित्र और राष्ट्र के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का संचार किया गया। विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी के जोनल हेड और मुख्य वक्ता डॉ. विशाल शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि ऊर्जा के अक्षय पुंज हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को यदि विश्व विजेता बनना है तो उन्हें सबसे पहले आत्म-अनुशासन और आत्मविश्वास को अपनाना होगा। उन्होंने आह्वान किया कि युवा पीढ़ी अपने कौशल का उपयोग राष्ट्र गौरव बढ़ाने और समाज की सेवा के लिए करे। समारोह के दौरान आयोजित विशेष प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रही। स्वामी की शिक्षाओं और उनके जीवन संघर्ष पर आधारित सवालों के विद्यार्थियों ने बड़ी प्रखरता और आत्मविश्वास के साथ उत्तर दिए। सही उत्तर देकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले छात्रों को परिषद के पदाधिकारियों द्वारा विशेष रूप से पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में भाविप के प्रांतीय उपाध्यक्ष सुधीर चंद्र जैन, शाखा अध्यक्ष बृज भूषण बंसल और संरक्षक अश्वनी गोयल की प्रमुख भूमिका रही। इनके साथ ही उपाध्यक्ष अनिल गुप्ता, सचिव तरुण शर्मा, कोषाध्यक्ष संजीव खराना, कार्यकारी सदस्य अजय गुप्ता, जिला समन्वयक सुमेश शर्मा, राकेश पराशर और अशोक गर्ग सहित शहर की कई जानी-मानी हस्तियां उपस्थित रहीं। स्कूल के उप-प्रधानाचार्य महेश पुरी ने सभी अतिथियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के मानसिक और चारित्रिक विकास के लिए अनिवार्य हैं। कार्यक्रम का समापन स्वामी के कालजयी नारे “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए” के उद्घोष के साथ हुआ।


