उदयपुर जिले में पिछले 9 सालों में 1 लाख 62 हजार 580 लोगों ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया है। इसमें 1 लाख 57 हजार 162 को विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट जारी किए है। केंद्र सरकार की ओर से पासपोर्ट की बढ़ती आवेदनों की संख्या को ध्यान में रखते हुए उदयपुर के सेंटर को पीएसपी वी 2.0 के रूप में अपग्रेड और स्केलेबिलिटी की प्लानिंग है। सांसद डॉ मन्नालाल रावत द्वारा संसद में पूछे गए प्रश्न पर विदेश राज्य मंत्री कीर्तवर्धन सिंह ने यह जानकारी दी। सांसद रावत ने राजस्थान में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालयों में वर्ष 2017 से अब तक प्राप्त पासपोर्ट आवेदन और इस अवधि के दौरान जारी किए गए पासपोर्ट की संख्या, लंबित आवेदन की संख्या, लंबित आवेदनों के शीघ्र निपटान को लेकर कोई विशेष कदम तथा पासपोर्ट सेवा केंद्र, उदयपुर का क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के रूप में उन्नयन करने के प्रस्ताव को लेकर प्रश्न किए थे। विदेश राज्य मंत्री ने बताया कि राजस्थान के प्रत्येक जिले से पासपोर्ट आवेदन को लेकर बडी संख्या में आवेदन हुए है। केवल उदयपुर जिले से ही पिछले 9 सालों में 1 लाख 62 हजार 580 लोगों ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया जिसमें से 1 लाख 57 हजार को पासपोर्ट जारी कर दिए गए। कई सारे आवेदन लंबित भी है। पासपोर्ट जारी करने में लंबित मामलों की जानकारी का रखरखाव क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (आरपीओ) के द्वारा किया जाता है। केंद्रीय मंत्री ने सांसद डॉ रावत के प्रश्न पर बताया कि पासपोर्ट जारी करने की बढ़ती मांग और लंबित मामलों के कारण, मंत्रालय पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए लगातार काम कर रहा है। इसके लिए मंत्रालय द्वारा दैनिक अपॉइंटमेंट की संख्या बढ़ाने और सप्ताहांत पर विशेष अभियान चलाने जैसे कई कदम उठाए जा रहे हैं। इस विशेष अभियान के तहत लंबित मामलों को निपटाने के लिए मंत्रालय और अन्य पासपोर्ट कार्यालयों के स्टाफ को भी तैनात किया जा रहा है। इसके साथ ही, लंबित फाइलों को शीघ्रता से निपटाने के लिए क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (आरपीओ) के बैंक ऑफिस में वॉक-इन अपॉइंटमेंट भी दिए जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पासपोर्ट आवेदनों में भविष्य में वृद्धि के अनुमान को ध्यान में रखते हुए पीएसपी वी 2.0 में प्रत्येक पासपोर्ट सेवा केंद्र के अपग्रेडेशन और स्केलेबिलिटी की योजना बनाई गई है। उदयपुर पासपोर्ट केंद्र का भी इसी के तहत पीएसपी वी 2.0 में अपग्रेडेशन होगा। क्या है पीएसपी वी 2.0 (PSP-V 2.0) भारत सरकार के पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम का दूसरा चरण है, जिसका लक्ष्य पासपोर्ट सेवाओं को पूरी तरह से डिजिटल बनाना, प्रक्रिया को पारदर्शी और कुशल बनाना और ई-पासपोर्ट जैसी नई तकनीकों को शामिल करना है, जिससे नागरिकों को बेहतर, तेज़ और सुरक्षित सेवाएं मिल सकें, जिसमें AI, चैटबॉट और बेहतर डेटा एनालिटिक्स जैसी सुविधाएं होंगी।


