शनिवार को जैसलमेर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं एडीजे किशोर तालेपा अमरसागर चौराहे पर पहुंचे और स्कूल बसों व वैन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जज तालेपा ने स्कूल बसों, वैन में सुरक्षा मानकों की पड़ताल की। इस दौरान किसी भी वाहन में क्षमता से अधिक बच्चों को नहीं पाया गया और न ही कोई गंभीर अनियमितता सामने आई। सभी बसें निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप पाई गईं, जिसके बाद अधिकारियों ने बस स्टाफ की सराहना भी की। उन्होंने सेफ्टी नियमों का पालन करने के निर्देश देने के साथ साथ बच्चों से भी सड़क सुरक्षा को लेकर संवाद किया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर अभियान राजस्थान के कई शहरों में हाल ही में जजों और मोबाइल मजिस्ट्रेट की टीमों द्वारा स्कूल वाहनों (बाल वाहिनियों) का औचक निरीक्षण किया जा रहा है। यह अभियान माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय तथा राज्य एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के तहत बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है। स्कूल बसों का किया निरीक्षण हालांकि, टीम ने वाहनों में सुरक्षा व्यवस्था को ध्यानपूर्वक परखा—जिसमें GPS सिस्टम, फर्स्ट-एड बॉक्स की उपलब्धता, फायर एक्सटिंग्विशर, आपातकालीन निकास, चालक और परिचालक के दस्तावेज़ों की वैधता, व वाहन की फिटनेस का सत्यापन शामिल था। निरीक्षण के दौरान परिवहन निरीक्षक अनिल कुमार भी मौजूद रहे और उन्होंने वाहन चालकों को सुरक्षा प्रोटोकॉल के बारे में समझाइश दी। क्यों चलाया जा रहा है यह अभियान? राजस्थान उच्च न्यायालय व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के स्पष्ट निर्देश हैं कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं होगा। हाल के दिनों में कई शहरों में स्कूल वाहनों में गंभीर अनियमितताओं—जैसे ओवरलोडिंग, GPS की कमी, फर्स्ट-एड किट का न होना या एक्सपायरी होना, फायर एक्सटिंग्विशर का कार्य न करना, और ड्राइवरों द्वारा नियमों की अनदेखी—के बाद प्रदेशभर में यह अभियान लगातार चल रहा है। क्या निर्देश दिए गए निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निम्न निर्देश जारी किए— बच्चों को सुरक्षा के बारे में जागरूक किया निरीक्षण के दौरान जज तालेपा ने स्वयं बच्चों से संवाद किया और उन्हें सड़क सुरक्षा, बस में खड़े न रहने, अचानक उतरने-चढ़ने में सावधानी, व सीट बेल्ट के महत्व के बारे में बताया। बस स्टाफ को भी दैनिक सुरक्षा जांच करने के लिए प्रेरित किया गया। बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है- जज किशोर तालेपा निरीक्षण के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव किशोर तालेपा ने कहा—“बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्देश हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जैसलमेर में आज जिन वाहनों का निरीक्षण किया गया, उनमें सुरक्षा प्रावधान संतोषजनक पाए गए। हमारा उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि सुरक्षित छात्र परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करना है। पेरेंट्स, स्कूल प्रबंधन और चालक—सभी की संयुक्त जिम्मेदारी है कि बच्चों को सुरक्षित यात्रा मिले।” सभी से की अपील उन्होंने आमजन और अभिभावकों से अपील की कि यदि वे किसी भी प्रकार की अनियमितता देखें तो तुरंत इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। इस तरह जैसलमेर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम ने बाल वाहिनियों की जांच कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत और जागरूकता को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया।


