राजस्थान सरकार की ओर से बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए शुरू की गई जगन्नाथ पुरी दर्शन योजना के तहत सोमवार को चित्तौड़गढ़ से विशेष ट्रेन रवाना की गई। इस ट्रेन में करीब 1000 बुजुर्ग यात्री सवार हैं, जो भगवान जगन्नाथ के दर्शन के साथ-साथ ओडिशा के प्रसिद्ध कोणार्क मंदिर के दर्शन भी करेंगे। यह यात्रा 5 जनवरी से शुरू होकर 11 जनवरी तक चलेगी। ट्रेन के रवाना होते समय रेलवे स्टेशनों पर श्रद्धालुओं और उनके परिजनों में उत्साह और भावुकता का माहौल देखने को मिला। उदयपुर से सबसे ज्यादा यात्री हुए शामिल इस विशेष यात्रा ट्रेन में उदयपुर संभाग के कई जिलों से बुजुर्ग यात्रियों ने भाग लिया। उदयपुर रेलवे स्टेशन से उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सलूंबर और राजसमंद जिलों के कुल 811 यात्री रवाना हुए। वहीं चित्तौड़गढ़ स्टेशन से जिले के 136 बुजुर्ग यात्री और प्रतापगढ़ जिले से 53 यात्री इस ट्रेन में सवार हुए। सभी यात्रियों को तय समय पर स्टेशन पहुंचाया गया और उनकी सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया। पूरी तरह एसी और सुरक्षित यात्रा व्यवस्था चित्तौड़गढ़ के नोडल प्रभारी तिलकेश जोशी ने बताया कि यह ट्रेन पूरी तरह से AC है, जिससे बुजुर्ग यात्रियों को लंबी यात्रा में किसी तरह की परेशानी न हो। यह ट्रेन उदयपुर से रवाना होकर चित्तौड़गढ़ और कोटा होते हुए 7 जनवरी को जगन्नाथ पुरी पहुंचेगी। वहां यात्रियों को भगवान जगन्नाथ और सूर्य मंदिर कोणार्क के दर्शन कराए जाएंगे। दर्शन कार्यक्रम पूरा होने के बाद ट्रेन 8 जनवरी की रात को वापस रवाना होगी और 11 जनवरी को चित्तौड़गढ़ लौटेगी। भोजन, चिकित्सा और अन्य सुविधाएं भी है उपलब्ध सहायक नोडल प्रभारी जगदीश जीनगर ने बताया कि ट्रेन में यात्रियों के लिए हर जरूरी सुविधा उपलब्ध कराई गई है। बुजुर्ग यात्रियों को ध्यान में रखते हुए एक मेडिकल टीम भी पूरे समय साथ जा रही है, ताकि किसी को भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर तुरंत मदद मिल सके। यात्रियों का पहले पूरा वेरिफिकेशन किया गया, उसके बाद ही उन्हें टिकट दिए गए। सरकार की ओर से यात्रियों को नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात का खाना तीनों समय उपलब्ध कराया जाएगा। श्रद्धालुओं में खुशी और उत्साह का माहौल इस धार्मिक यात्रा को लेकर बुजुर्ग श्रद्धालुओं के चेहरों पर खास खुशी और उत्सुकता साफ नजर आई। कई यात्रियों ने बताया कि वे लंबे समय से जगन्नाथ पुरी के दर्शन की इच्छा रखते थे, जो अब सरकार की इस योजना से पूरी हो रही है। ट्रेन के रवाना होते समय “जय जगन्नाथ” के जयकारों से स्टेशन गूंज उठा। यह यात्रा न सिर्फ बुजुर्गों के लिए आध्यात्मिक अनुभव है, बल्कि सरकार की सामाजिक सरोकारों से जुड़ी एक सराहनीय पहल भी मानी जा रही है। जयसिंह, बड़ीसादड़ी निवासी बंशीलाल अपनी पत्नी प्रेमीबाई के साथ भी जगन्नाथ पुरी जा रहे है। उन्होंने कहा कि जगन्नाथ पुरी हम पहले भी जा चुके हैं। उस समय हमने प्राइवेट बस हायर करके यात्रा की थी और वह यात्रा भी बहुत अच्छी और मंगलमय रही थी। इस बार सरकार की ओर से दर्शन योजना के लिए फॉर्म भरा था। जब सरकार की ओर से हमारा नंबर आ गया, तो हमने फिर से इस पवित्र यात्रा पर जाने का निर्णय लिया और अब खुशी-खुशी जा रहे हैं। गांधीनगर निवासी नरोत्तम सिंह सोलंकी अपनी पत्नी राजकुमारी के साथ जा रहे है। उन्होंने कहा कि अभी हम जगन्नाथ पुरी जा रहे हैं। यह हमारी पहली यात्रा है। यात्रा की व्यवस्था बहुत शानदार है और सब कुछ बहुत बढ़िया लग रहा है। पूरे सफर में अच्छा अनुभव हो रहा है और मन में काफी खुशी है। भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए जा रहे हैं, इसे लेकर दिल में खास उत्साह है। प्रभु से मिलने की खुशी शब्दों में बताना मुश्किल है।


