देश के जाने-माने उद्योगपति आनंद महिंद्रा को कोटा के विकास ने प्रभावित किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर प्रतिक्रिया देते हुए पूछा है ‘क्या यह पूरे शहर में लागू हो चुका है? ‘वाकई बेहद प्रभावशाली’। आनंद महिंद्रा ने 28 नवंबर को कोटा के चौराहों, फ्लाइओवर, ट्रैफिक सिग्नल फ्री व विकास से जुडा वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। जिसपर लोगों ने भी प्रतिक्रिया दी। दरअसल कांग्रेस सरकार के समय कोटा में करोड़ों के विकास कार्यों के साथ साथ चौराहों पर ओवर ब्रिज व अंडर पास बनाए गए। इससे कोटा पूरी तरह से सिग्नल फ्री शहर हो गया। तत्कालीन UDH मंत्री शांति धारीवाल के निर्देश पर तटकालीन यूआईटी (अभी केडीए) ने दूरगामी योजनाएं व डिजाइन आधारित दृष्टिकोण से काम किया। शहर के आसपास में जुड़े रिंग रोड नेटवर्क विकसित किए गए। जो भीड़भाड़ वाले आंतरिक इलाकों से ट्रैफिक को दुर ले जाते हैं। इससे शहर के सेंटर में दबाव कम हुआ। लोग तेजी से आने जाने के लिए बाहरी रास्तों का उपयोग करने लगे। कोचिंग सिटी के रूप में प्रसिद्ध कोटा में लोग व हजारों स्टूडेंट्स की आवाजाही होती है। अब बिना किसी ट्रैफिक लाइट के भी वाहन सूचारू रूप से चलते नजर आते हैं। शहर में अब वह रुक-रुक कर चलने वाला ट्रैफिक नहीं दिखता जो मेट्रो सिटी में आम है। रोजाना भारी भीड़ और स्टूडेंट की आवाजाही के बावजूद ट्रैफिक सुचारु व शांत बना रहता है। शहर के मुख्य मार्ग पर सजावटी रोशनी, चौराहे के हेरिटेज लुक और शहर के प्रवेश मार्गो पर फसाड़ लाइट लगाई गई। ताकि रात के समय कोटा आने वाले नागरिकों को शहर का नया स्वरूप दिखे। यही सब देखकर उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर प्रतिक्रिया दी और ‘ क्या यह पूरे शहर में लागू हो चुका? ‘वाकई बेहद प्रभावशाली’।


