उमरिया जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में गुरुवार को कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन अचानक औचक निरीक्षण पर पहुंच गए। इस दौरान एनआरसी के 20 बिस्तरों में से 6 खाली पड़े थे। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जिले में कुपोषण की स्थिति को देखते हुए बेड खाली मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। लापरवाही पर दी सख्त चेतावनी कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि जिले के कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर तत्काल एनआरसी में भर्ती कराया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों के इलाज और पोषण में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि ड्यूटी में लापरवाही पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों से की चर्चा, दी 14 दिन रुकने की सलाह निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने वहां भर्ती बच्चों की माताओं से बात की। उन्होंने पूछा कि बच्चों को समय पर खाना और दवाएं मिल रही हैं या नहीं। कलेक्टर ने परिजनों को समझाया कि बच्चों की सेहत में सुधार के लिए उन्हें पूरे 14 दिनों तक केंद्र में रखना जरूरी है। छुट्टी के बाद भी होगी सेहत की निगरानी कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि एनआरसी से छुट्टी मिलने के बाद भी बच्चों के वजन और स्वास्थ्य पर नजर रखी जाए। यदि घर जाने के बाद बच्चे की सेहत दोबारा बिगड़ती है, तो उसे फिर से भर्ती कर उपचार दिया जाए। उन्होंने स्टाफ को बच्चों और उनके परिजनों के साथ अच्छा व्यवहार करने और सभी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।


