अनुजा निगम के ऋण को समय पर नहीं चुकाने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट करौली ने एक व्यक्ति को दो वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आठ लाख रुपए के जुर्माने से दंडित किया है। यह फैसला 08 सितंबर 2025 को सुनाया गया। परियोजना प्रबंधक पवन कुमार गुप्ता ने बताया कि अनुजा निगम करौली द्वारा राष्ट्रीय निगम की एनएसएफडीसी योजना के तहत मनोज कुमार जाटव पुत्र मुरारीलाल जाटव, निवासी चटीकना मोहल्ला, जाटव बस्ती, करौली को वित्तीय वर्ष 2005-06 में 4 लाख 9 हजार रुपए का ऋण दिया गया था। ऋण की राशि समय पर जमा न करने पर कार्यालय द्वारा 08 जून 2016 को चेक लगाया गया, जो अनादरित हो गया। इसके बाद एडवोकेट पंकज शर्मा के माध्यम से धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम के तहत परिवाद दायर किया गया था। परियोजना प्रबंधक की गवाही के बाद, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट परवीन बानू ने मनोज कुमार जाटव को दोषी करार दिया। इस बीच अनुजा निगम ने सभी ऋणियों को सूचित किया है कि 19 सितंबर 2025 को कलेक्ट्रेट भवन, टाउन हॉल, करौली में एकमुश्त समझौता योजना शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में साधारण ब्याज और दण्डनीय ब्याज में छूट देकर मूलधन राशि जमा करने का अवसर मिलेगा। निगम ने सभी ऋणियों से अपील की है कि वे इस शिविर का लाभ उठाकर अपनी बकाया ऋण राशि का मूलधन जमा कराएं। ऐसा न करने पर अन्य सभी ऋणियों के खिलाफ भी धारा 138 के तहत परिवाद दायर किए जाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी ऋणी स्वयं होंगे। एकमुश्त समझौता योजना की विस्तृत जानकारी के लिए लाभार्थी अनुजा निगम कार्यालय, कलेक्ट्रेट कमरा नंबर 219, 220 में संपर्क कर सकते हैं।


