जैसलमेर में कुरजां (डेमोइसेल क्रेन) पक्षी की मौत का सिलसिला लगातार जारी है। सोमवार को एक और कुरजां पक्षी का शव देगराय ओरण इलाके में मिला। जानकारी मिलते ही वन विभाग और पशुपालन विभाग की टीम ने मौके पर जाकर मृत कुरजां पक्षी के शव को प्रोटोकॉल के लिहाज से दफनाया और इलाके को सैनेटाइज किया। सोमवार को मृत मिले कुरजां पक्षी के शव के बाद से अब बर्ड फ्लू से कुरजां पक्षी की मौत का आंकड़ा बढ़कर 33 हो गया है। वहीं गिद्ध, कोयल आदि की भी मौत हुई है। मगर उनमें फिलहाल बर्ड फ्लू के लक्षण नहीं मिले हैं। वहीं बांकलसर गांव के पास खेत में मिले कुरजां पक्षी की सैंपल रिपोर्ट अभी तक भोपाल स्थित लैब से नहीं आई है। एहतियातन बांकलसर गांव के पास खेत को भी सैनेटाइज किया गया है। जिस खेत में मृत पक्षियों के शव मिले हैं वहां वन विभाग व पशुपालन विभाग की टीमों ने सोडियम हाइपोक्लोराइड केमिकल का छिड़काव किया है ताकि संक्रमण आगे नहीं फैले। वन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉक्टर उमेश व्रंगतिवार ने बताया कि जिस तरह से 34 पक्षियों के शव मिले हैं इस तरह ज्यादा तादाद में अब शव नहीं मिले हैं। हालांकि प्रशासन की टीमें कुरजां पक्षी के इलाकों में लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। साथ ही केमिकल का छिड़काव आदि कर संक्रमण को रोकने के प्रयास लगातार जारी है। मृत कुरजां पक्षियों की संख्या बढ़कर हुई 33 गौरतलब है कि देगराय ओरण इलाके के छोड़िया गांव कि सरहद पर स्थित तालाब के किनारे सोमवार को एक और कुरजां पक्षी मृत अवस्था में मिला। जानकारी मिलने पर वन विभाग और पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। मौके पर जाकर दोनों टीमों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पीपीई कीट पहनकर मौके पर कुरजां पक्षी के शव को प्रोटोकॉल के लिहाज से दफनाया। साथ ही मौके पर केमिकल का छिड़काव किया ताकि संक्रमण आगे नहीं फैले। इसके साथ ही अब तक 35 कुरजां पक्षी की मौत जिले में हो चुकी है। हालांकि देगराय ओरण इलाके में मिले कुरजां पक्षी के शवों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। वहीं मोहनगढ़ इलाके के बांकलसर गांव में मिले कुरजां पक्षियों के सैंपल भोपाल भिजवाए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट आज या कल में आएगी। फिलहाल विभाग बर्ड फ्लू को लेकर अलर्ट मोड पर है और केमिकल आदि का छिड़काव कर रहा है। क्या होता है बर्ड फ्लू? बर्ड फ्लू इन्फ्लूएंजा वायरस से होने वाला संक्रमण है। यह आमतौर पर पक्षियों और जानवरों में फैलता है। कई बार यह संक्रमण जानवरों के जरिए इंसानों में भी फैल सकता है। बर्ड फ्लू के कई वेरिएंट काफी घातक होते हैं। हालांकि, H9N2 के मामले में बहुत गंभीर समस्याएं देखने को नहीं मिली है। इन्फ्लूएंजा वायरस 4 तरह का होता है, इन्फ्लूएंजा A, B, C और D। इनमें से ज्यादातर एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस इंसानों को संक्रमित नहीं करते हैं। हालांकि A (H5N1) और A (H7N9) से इंसानों के संक्रमित होने का खतरा रहता है। अब A (H9N2) नए खतरे के रूप में सामने आया है। देगराय ओरण इलाके में चिंकारा का शव मिला:पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार; लखमना व लुणेरी तालाब पर केमिकल का किया छिड़काव बर्ड फ्लू का खौफ, कुरजां के बाद गिद्ध मरा मिला:जैसलमेर में अब दूसरे पक्षियों में बीमारी फैलने का खतरा; अब तक 32 की मौत


