रांची | अखंड भारत ने बुधवार को एक जनवरी को नव वर्ष मनाए जाने को लेकर अलबर्ट एक्का चौक पर विरोध जताया। अखंड भारत के निवेदक व सदस्यों द्वारा दोपहर 12.30 बजे संस्कृति रक्षा में मारे गए करोड़ों पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए हवन किया गया। सभी ने एक स्वर में कहा कि 1 जनवरी का बहिष्कार करें, संस्कृति रक्षा दिवस बनाएं। इस साल भारतीय नव वर्ष का प्रारंभ 30 मार्च के दिन रविवार को होगा। रात में 12 बजकर 01 मिनट पर अगला दिन कैसे हो सकता है। यह भाषाई गुलामी का प्रतीक है, जिससे देश को आजादी चािहए। जब हमारी मातृभाषा हिंदी है तो अंग्रेजी नया साल क्यों। अंग्रेज मैकॉले ने कहा था कि भारत को मैं ऐसी शिक्षा संस्कृति दूंगा, जिससे कि प्रत्येक बच्चा मन से अंग्रेज होगा। इससे सीख लेने की जरूरत है।


