एक हफ्ते में रिलायंस की वैल्यू ₹28,283 करोड़ बढ़ी:एयरटेल की 35,239 करोड़ रुपए कम हुई; शेयर बाजार इस हफ्ते 475 अंक चढ़ा

मार्केट वैल्यूएशन के लिहाज से देश की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से 7 की वैल्यू इस हफ्ते के कारोबार में 96,201 करोड़ रुपए बढ़ी है। इस दौरान रिलायंस टॉप गेनर रही। कंपनी का मार्केट कैप ₹28,283 करोड़ बढ़कर ₹21.20 लाख करोड़ पहुंच गया है। बजाज फाइनेंस ने भी अपने मार्केट कैप मे 20,348 रुपए जोड़े। अब कंपनी का मार्केट कैप ₹6.46 लाख करोड़ है। HDFC बैंक ने ₹13,611 करोड़ और ICICI बैंक ने ₹13,600 करोड़ रुपए अपनी वैल्यूएशन में जोड़े हैं। इन कंपनियों का मार्केट कैप बढ़ा सोर्स: BSE (29 नवंबर, 2025) एयरटेल की वैल्यू 35,239 करोड़ रुपए गिरी इधर, टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल की वैल्यू इस दौरान 35,239 करोड़ रुपए गिरकर 11.98 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। वहीं सरकारी बीमा कंपनी लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया यानी LIC ने ₹4,997 करोड़ जोड़कर वैल्यू ₹5.66 लाख करोड़ कर ली है। इन कंपनियों की मार्केट वैल्यू गिरी सोर्स: BSE (29 नवंबर, 2025) मार्केट वैल्यू के लिहाज से देश की टॉप-15 कंपनियां सोर्स: BSE (29 नवंबर, 2025) मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है? मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें… मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी। कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं… मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है? कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है। निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं। उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ से बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन अगर मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है। ————————– ये खबर भी पढ़ें… शेयर मार्केट 14 महीने बाद ऑलटाइम हाई पर पहुंचा: सेंसेक्स ने 86,055 का लेवल छुआ, 110 अंक बढ़कर 85,720 के स्तर पर बंद शेयर मार्केट27 नवंबर को 14 महीने बाद ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया। निफ्टी ने कारोबार के दौरान 26,310 और सेंसेक्स ने 86,055 का लेवल छुआ। इससे पहले सेंसेक्स ने 27 सितंबर 2024 को 85,978 और निफ्टी ने 26,277 का ऑलटाइम हाई बनाया था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…

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