फिलहाल शादियों की सीजन चल रही है, ऐसे में पैंकिंग और सामान ले जाने के लिए शहर के बाजार में प्रतिबंधित पॉलीथिन का उपयोग काफी ज्यादा बढ़ने लगा है। इसकी रोकथाम को लेकर शुक्रवार को नगर परिषद की टीम ने दुकानों पर कार्रवाई कर 125 किलो पॉलीथिन जब्त की है। नगर परिषद आयुक्त दिलीप माथुर ने बताया कि प्रतिबंधित पॉलीथिन की रोकथाम के लिए शुक्रवार से अभियान शुरू किया है। इसके तहत पहले दिन नगर परिषद की टीम ने शहर की 30 दुकानों की जांच की। जिसमें से 12 दुकानों से 125 कैरीबेग की जब्ती की गई है। साथ ही सभी दुकानदारों को प्रतिबंधित प्लास्टिक के बारे में जानकारी देकर आगे से उपयोग नहीं करने की सख्त हिदायत दी गई है। अभियान को लेकर आयुक्त के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की है। जिसमें नोडल अधिकारी नरेंद्र, स्वच्छता निरीक्षक महावीर, एमआईएस इंजीनियर राजकुमार, जमादार अश्विन तथा स्वच्छ भारत मिशन टीम के अन्य सदस्य सम्मिलित किए है। टीम ने व्यापारियों व आमजन को सिंगल यूज़ प्लास्टिक एवं पॉलीथिन का उपयोग न करने के लिए जागरुक भी किया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए वैकल्पिक कपड़ा या जूट की थैलियों के उपयोग का संदेश दिया। मेरे काम की बात : शहर में नालों, नालियों और सीवर ब्लॉक का कारण प्लास्टिक पर्यावरण संरक्षण व प्लास्टिक प्रदूषण रोकने के लिए 2022 में भारत सरकार की ओर से सिंगल यूज प्लास्टिक के बिक्री व उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है, जिसमें पॉलीथिन भी शामिल है। इस प्रतिबंध के तहत 100 माइक्रोन से कम मोटाई वाले पॉलीथिन कैरी बैग के निर्माण, आयात, भंडार, बिक्री और उपयोग पर रोक है। जालोर में नालों और नालियों के सीवरेज ब्लॉक का कारण कचरे में सर्वाधिक पॉलीथिन की उपयोगिता है। साथ ही प्लास्टिक प्रदूषण भी फैलता है। पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 19 के तहत सजा और जुर्माने का भी प्रावधान है।


