शुभेंदु शुक्ला | अमृतसर अमृतसर गेम्स एसोसिएशन (एजीए) में 124 अवैध मेंबर बनाने के मामले में डीसी साक्षी साहनी ने जांच के लिए 2 मेंबरी स्क्रूटनी कमेटी बना दी है। कमेटी में एसडीएम कम ऑफिस सेक्रेटरी मनकंवल सिंह और लीगल एडवाइजर एडवोकेट प्रदीप सैनी का नाम शामिल है। मगर पूर्व एजीए सेक्रेटरी सुरिंदर अर्जुन ने स्क्रूटनी कमेटी पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि एसडीएम कम एजीए ऑफिस सेक्रेटरी को मामले में हटाने को लेकर डीसी को लिखा था। उन्हीं का नाम शामिल कर दिया गया जो गलत है। शिकायत के बाद शिकायतकर्ता को बुलाकर सुनना चाहिए। पूर्व एजीए सेक्रेटरी सुरिंदर अर्जुन ने कहा कि कांस्टीट्यूशन में जब 2 सेक्रेटरी रखने का प्रावधान नहीं है, तो एक को हटाया क्यों नहीं जा रहा। स्क्रूटनी कमेटी में 4 से 5 पदाधिकारियों को शामिल करने की बजाय खानापूर्ति के लिए सिर्फ 2 को ही रखा गया। उन्होंने बताया कि साल 2020 में एजीए का चुनाव कराने के दौरान 193 मेंबरों की वोटिंग करवाई गई थी। 51 को नियम विपरीत नोटिस दिए बिना ही बाहर निकाल दिया गया था। जबकि तत्कालीन सेक्रेटरी ने 244 मेंबरों की लिस्ट में मुहर लगाई थी। जिस कारण कुछ मेंबर सिविल कोर्ट चले गए थे। सिविल कोर्ट ने भी इस लिस्ट को सही माना है। साथ ही गवर्निंग बॉडी के अनुसार ही फैसला लिया जाने का आदेश भी जारी किया है। ब्यूरोक्रेट्स गवर्निंग बाडी की नहीं चलने दे रहे। ऐसे में चुनाव कराने का क्या फायदा जब आगे भी अफसरों को अपनी मनमानी ही करनी है। क्रिकेट को प्रमोट करने के लिए कोई बड़ा कदम नहीं उठाया जा रहा है। हर कोई सेक्रेटरी बनने की चाह रख रहा है। यही हाल रहा तो आने वाले समय में एजीए प्राइवेट हाथों में चला जाएगा। एसडीएम कम एजीए ऑफिस सेक्रेटरी मनकंवल से 4 माह से मुलाकात का टाइम मांग रहे हैं लेकिन दिया नहीं। कांस्टीट्यूशन के अनुसार चुनाव कराने की बातें कह रहे हैं मगर कोर्ट के आदेशों को तो अफसर मान नहीं रहे हैं। किस तरह से एजीए पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही इसका खुलासा पहले भी हो चुका है। स्क्रूटनी कमेटी 15 दिन जांच करके रिपोर्ट देगी मगर ऑर्डर में डेट मेंशन नहीं है। पूर्व एजीए सेक्रेटरी सुरिंदर अर्जुन ने कहा कि एजीए 14 दुकानों का करोड़ों रुपए किराया अब तक वसूल नहीं पाई है। कितनी इनकम हुई इसकी डिटेल एजीए पदाधिकारियों के पास नहीं है। सबसे पहले अकाउंट सार्वजनिक किया जाना चाहिए। यदि नियम विपरीत बनाए 124 मेंबरों को वोट का अधिकार दिया गया तो कोर्ट में चैलेंज करेंगे। ^एसडीएम और लीगल एडवाइजर कमेटी का नेतृत्व कर रहे हैं। एजीए में नियम विपरीत मेंबर बनाए जाने को लेकर जो आपत्तियां जताई गई, उसकी जांच करेंगे। -साक्षी साहनी, डीसी


