भास्कर न्यूज | लुधियाना लुधियाना में ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा स्मार्ट चिप कंपनी का ठेका रद्द किए जाने के बाद से ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का काम पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। विभाग के साथ किसी अन्य कंपनी के करार नहीं होने के कारण सिविल लाइन स्थित ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर पक्के लाइसेंस बनाने का काम शुरू नहीं हो पाया है। इसके अलावा, लर्निंग लाइसेंस, डुप्लीकेट लाइसेंस और लाइसेंस रिन्यूवल के लिए आने वाले आवेदकों के लाइसेंस भी नहीं बन पा रहे हैं। इस कारण से, ट्रैक पर लंबित मामलों की संख्या लगभग 2 हजार तक पहुंच चुकी है। दरअसल, इस समस्या का मुख्य कारण कर्मचारियों की अनुपस्थिति और विभाग में जिम्मेदारी का सही तरीके से निर्वहन न होना है। पहले एटीओ अभिषेक बांसल की आईडी से लाइसेंस की अप्रूवल होती थी, लेकिन उनके जाने के बाद से यह कार्य भी ठप पड़ा है। इस बीच, क्लर्क हरि ओम को ट्रैक की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन वे पारिवारिक कारणों से छुट्टियों पर चले गए, जिससे काम रुक गया। इसके बाद, ट्रैक की जिम्मेदारी स्टेनों नवदीप को दी गई, लेकिन उन्हें लाइसेंस की अप्रूवल के लिए जरूरी आईडी नहीं मिली, जिस कारण से काम फिर से रुका हुआ है। आवेदक ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर बार-बार आकर निराश हो रहे हैं क्योंकि फोटो खिंचवाने के 10 दिन बाद भी स्क्रूटनी और अप्रूवल के मैसेज नहीं मिल रहे हैं। इस स्थिति के बारे में क्लर्क हरि ओम ने बताया कि वह पारिवारिक कारणों से छुट्टियों पर थे, लेकिन अब एटीओ ने जॉइन कर लिया है और एक-दो दिन में उनकी आईडी बन जाएगी, जिसके बाद लाइसेंस की अप्रूवल प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस बीच, आवेदकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि उनका काम लटकने से न केवल समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि उनसे संबंधित लाइसेंस भी नहीं बन पा रहे हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही स्थिति सुधर जाएगी, लेकिन फिलहाल, आवेदकों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। अब देखना यह है कि जब तक नई कंपनी के साथ करार नहीं होता और कर्मचारियों के बीच समन्वय नहीं बैठता, तब तक ट्रैक पर लाइसेंस संबंधित कार्य कब सुचारु रूप से शुरू होंगे।


