एनटीपीसी सीपत ने बिलासपुर नगर निगम के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाले पानी को खरीदने के लिए जानकारी मांगी है। भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय ने औद्योगिक संस्थानों को पानी बचाने के लिए निकायों के ट्रीटमेंट प्लांट का पानी इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं। पहले यह करार केएसके महानदी पॉवर कंपनी, अकलतरा के साथ होना था। लेकिन कंपनी के डिफॉल्टर हो जाने से मामला अटक गया था। इसके बाद निगम ने संचालक नगरीय प्रशासन को पत्र लिखा। राज्य सरकार ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय से एनटीपीसी और नगर निगम के बीच करार को मंजूरी देने की मांग की। नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार के अनुसार, एनटीपीसी के साथ करार होने से रोज 50 एमएलडी पानी का उपयोग हो सकेगा। इससे बायलर में इस्तेमाल होने वाला स्वच्छ पानी बचेगा। अरपा में बहाए जाने वाले नालों के पानी को रोककर उसके शुद्धीकरण के लिए चार स्थानों पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना का काम अंतिम चरण में है। निगम को लाखों का फायदा होगा नगर निगम के कार्यपालन अभियंता एसपी साहू के मुताबिक एनटीपीसी से पुराने करार के मुताबिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाले गंदे पानी को 17 रुपए प्रति हजार लीटर की दर से खरीदने लिखा पढ़ी हुई थी। यदि इसी दर पर समझौता होता है तो निगम को 50 एमएलडी पानी बेचने पर हर दिन 8.50 लाख रुपए मिलेंगे। ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाले पानी को अभी अरपा नदी में छोड़ा जा रहा है। जाहिर है कि निगम की उक्त योजनाओं को मुकाम हासिल हुआ तो अरपा के शुद्धिकरण में बड़ी मदद मिलेगी। अरपा नदी में अभी शहर भर से प्रति दिन 135 एमएलडी गंदा पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे नदी में प्रदूषण का स्तर निरतंर बढ़ता ही जा रहा है।


