एनीमिया की पहचान कर उसका सही प्रबंधन करना हो उद्देश्य : कलेक्टर

डूंगरपुर| जिला प्रशासन व सेंटर फॉर माइक्रो फाइनेंस की ओर से शहर में जिला स्तरीय आमुखीकरण कार्यशाला हुई। कार्यशाला में गैर वित्तीय साझा सहमति पत्र हस्ताक्षरित किया गया। कुपोषण के व्यापक प्रबंधन और सामाजिक सुरक्षा नेट कार्यक्रम के तहत फूड फोर्टिफिकेशन विषय पर कलेक्टर अंकित सिंह की अध्यक्षता में कार्यशाला में चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग, महिला व बाल विकास विभाग और शिक्षा विभाग के साथ विस्तृत गतिविधियों व आगामी वर्षों में होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने कहा कि हमारा लक्ष्य गर्भवती और धात्री महिलाएं के स्वस्थ जीवन के लिए एनीमिया की पहचान कर उसका सही प्रबंधन करना है। साथ ही मातृ मृत्यु दर, नवजात शिशु मृत्यु दर पर भी फोकस करना है, ताकि हम डूंगरपुर जिले में इसकी दर कम कर सके। महिला व बाल विकास विभाग उप निदेशक पंकज द्विवेदी ने सहमति साझा पत्र (एमओयू) ओर इसमें तीनों विभाग सेंटर फॉर माइक्रो फाइनेंस के साथ मिल कर कार्य करने पर विस्तार से प्रकाश डाला। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अलंकार गुप्ता ने कहा कि कुपोषण गर्भावस्था से ही शुरू होता है। हमें गर्भवती महिलाओं के साथ अधिक कार्य करने की आवश्यकता है, इससे कुपोषण को कम कर सकते हैं। सेंटर फॉर माइक्रो फाइनेंस से प्रोजेक्ट मैनेजर डॉ. मेहुल ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। कार्यक्रम अधिकारी मोहित जोशी, देवेंद्र कुमार, ब्लॉक परियोजना अधिकारी शैलेंद्र, विजय पाटीदार, संजय राव, मुकेश शर्मा, शैलेश पालीवाल मौजूद थे।

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