9 साल के बच्चे को सांस लेने में कठिनाई और शरीर नीला पड़ने की समस्या के चलते एम्स भोपाल में भर्ती कराया गया था। एम्स के कार्डियक विभाग ने जांच के बाद पाया कि बच्चे के लिवर में असामान्य रक्त प्रवाह हो रहा था, जिसके कारण अमोनिया का स्तर बढ़ गया था। बच्चे के शरीर में एक दुर्लभ रक्त वाहिका जुड़ाव है, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई थी। इसका सफल ट्रांसकैथेटर क्लोजर कर बच्चे की जान बचाई गई। अमोनिया का उच्च स्तर मस्तिष्क पर असर डाल सकता है, जिससे मानसिक भ्रम और अन्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। डॉ. भूषण शाह ने बताया कि कार्डियोलॉजी टीम ने इस प्रक्रिया में नितिनोल डिवाइस का उपयोग करते हुए रक्त वाहिकाओं को बंद किया। इसके बाद बच्चे का अमोनिया स्तर सामान्य हो गया।


