राज्य में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 99.99 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है। अब जिन मतदाताओं के नाम 2025 की सूची में हैं लेकिन 2003 में नहीं मिल रहे हैं, उन्हें फील्ड में तलाशा जा रहा है। वे जहाँ रहते थे, उसके आस-पास रहने वालों से उनके बारे में जानकारी ली जा रही है, क्योंकि कई ऐसे नाम हैं जिनकी टाइपिंग में गड़बड़ी है। कुछ नाम ऐसे हैं जैसे पुरानी सूची में शंकर लाल की जगह शंकरलाल लिखा है, तो नई सूची में ये नाम मैच नहीं हो रहा है। इनके अलावा मृत मतदाताओं की भी तस्दीक की जा रही है। उनके रिश्तेदारों से पूछा जा रहा है कि कब? कहाँ? किस परिस्थिति में मौत हुई है? 18 दिसंबर अंतिम तारीख तक प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। बीएलओ की टीम फिलहाल विधानसभा वार सूची का मिलान कर रही है। राजनीतिक दल के एजेंटों के साथ बैठकर भी सूची में छूटे हुए नामों की समीक्षा की जा रही है। अभी पूरा फोकस उन मतदाताओं की तलाश करना है जिन्हें सी कैटेगरी में रखा गया है। प्रदेश के सारे बीएलओ सी कैटेगरी में रखे गए मतदाताओं की 2003 की सूची में नाम या उनके रिश्तेदारों के नाम ढूंढ रहे हैं। यही नहीं, मतदाताओं ने गणना पत्र भरने में जो गलती की है, उसे भी सुधारा जा रहा है। प्रदेश में 2 करोड़ 12 लाख और 30 हजार मतदाता हैं। शत-प्रतिशत मतदाताओं को गणना प्रपत्र बांटे जा चुके हैं और प्रपत्रों का डिजिटलीकरण भी किया जा चुका है। सभी बीएलओ अपने क्षेत्र के मतदान केंद्रों में 18 तक बैठेंगे चुनाव आयोग के निर्देश के बाद सभी बीएलओ अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र के संबंधित मतदान केंद्रों में 18 दिसंबर तक बैठेंगे। इस दौरान वे सुनिश्चित करेंगे कि जिन-जिन मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है और उनका गणना प्रपत्र आ चुका है, वे संबंधित राजनीतिक दलों के एजेंटों के साथ उनके नामों की समीक्षा कर रहे हैं। मसलन, मृत्यु कब हुई, कहाँ हुई। रिश्तेदारों से भी उनके बारे में तस्दीक की जा रही है ताकि बाद में किसी तरह की विवाद की स्थिति पैदा न हो। इसी तरह जो लोग स्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, उनके बारे में भी जानकारी जुटाकर संपर्क किया जा रहा है। जिन लोगों से संपर्क नहीं हो पाया या जिन लोगों के गणना प्रपत्र नहीं लौटे हैं, उन घर तक पहुंचने का एक बार फिर प्रयास भी किया जा रहा है। 18 दिसंबर गणना-प्रपत्र जमा करने का आखिरी दिन है। इस समय तक मतदाताओं को प्रपत्र पहुंचाने और उसे भरकर लेने का अवसर बना रहेगा। वोटर को कॉल कर पूछ रहे- फार्म जमा किया है या नहीं? एसआईआर में लगभग शत-प्रतिशत गणना पत्र जमा होने के बावजूद जिले के कॉल सेंटर से मतदाताओं को कॉल किया जा रहा है। फोन पर उनसे पूछा जा रहा है कि आपने अपना गणना पत्र जमा किया या नहीं? फार्म जमा करने के दौरान किसी तरह की कोई कमी तो नहीं रह गई। फार्म जमा न करने वाले मतदाताओं से परेशानी पूछकर संबंधित विधानसभा के बीएलओ को सूचना दी जा रही है। बीएलओ से कहा जा रहा है कि वे मतदाता से फोन पर संपर्क कर उनसे मिलें और उनकी समस्या दूर करें। वर्ष 2003 की सूची में नाम ढूंढना हो रहा मुश्किल दैनिक भास्कर ने कुछ बीएलओ से बात की। उनका कहना है कि हर बीएलओ को मतदान केंद्रवार सी कैटेगरी में रखे गए मतदाताओं की सूची सौंपी गई है। इस कैटेगरी में उन लोगों को रखा गया है जिनके नाम 2003 की सूची में नहीं है या उनके रिश्तेदारों के भी नाम नहीं है। बीएलओ की यह जिम्मेदारी है कि वे इस कैटेगरी में रखे गए मतदाताओं को वेरिफाई करें। बहुत से लोगों का नाम 2003 की सूची में है, लेकिन वे ढूंढ नहीं पाए हैं। बीएलओ का कहना है कि 2003 की सूची में नाम ढूंढना मुश्किल हो रहा है। दरअसल, 2003 की सूची में कई टाइपिंग मिस्टेक हैं। इस वजह से एप में सर्च करने के बाद भी नाम नहीं मिल रहा है। एक बीएलओ ने बताया कि उनके मतदान केंद्र में उन्हें 171 लोगों की सूची मिली है। इसमें से बड़ी मुश्किल से सिर्फ 50 लोगों का नाम वे ढूंढ पाए हैं। कई लोगों के रिश्तेदारों के नाम भी ढूंढना मुश्किल हो रहा है।


