एसआईआर का विरोध: प्री-मैप एसआईआर कार्य को लेकर बीएलओ पर दबाव, वेतन रोकने की दे रहे धमकियों से रोष

भास्कर न्यूज | अमृतसर पंजाब में चुनाव आयोग की ओर से कराए जा रहे प्री-मैप एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के काम ने बूथ लेवल अफसरों (बीएलओ) की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आयोग के निर्देश पर बीएलओ से वर्ष 2003 के प्री-मैप के आधार पर मतदाताओं की मैपिंग करवाई जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर न तो मतदाताओं को इसके लिए जागरूक किया गया और न ही बीएलओ को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। नतीजतन एसआईआर का काम हर हालत में पूरा करने को बीएलओ पर दबाव डाला जा रहा है। बीएलओ यूनियन जिला अमृतसर पंजाब के प्रधान प्रवेश कुमार ने बताया कि बिना किसी प्रचार-प्रसार के ही उनसे घर-घर जाकर प्री-मैपिंग कराने का दबाव बनाया जा रहा है। कई क्षेत्रों में बीएलओ 40 से 50 प्रतिशत तक मैपिंग का काम पूरा कर चुके हैं, इसके बावजूद शेष कार्य को लेकर लगातार दबाव डाला जा रहा है। जबकि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस में एसआईआर के नाम पर बीएलओ पर दबाव न डालने की बात कही गई है। शहरी इलाकों में 100 प्रतिशत मैपिंग लगभग असंभव साबित हो रही है। यहां माइग्रेशन अधिक है, लोग बार-बार स्थान बदलते रहते हैं। 2003 से 2026 तक करीब 22-23 साल का लंबा अंतराल होने के कारण बड़ी संख्या में लोग मकान बेच चुके हैं या दूसरे क्षेत्रों में शिफ्ट हो गए हैं। ऐसे में चुनाव आयोग द्वारा दिए गए लिंक पर भी मतदाताओं का पता लगाना मुश्किल हो रहा है। उनका कहना है कि आधार कार्ड या अन्य दस्तावेज देने से लोग हिचकते हैं, क्योंकि उन्हें स्कैम का डर रहता है। आयोग की ओर से मीडिया या सोशल मीडिया के जरिए मतदाताओं को जागरूक नहीं किया गया, जिसका सीधा असर मैपिंग पर पड़ रहा है। कई हलकों में ईआरओ द्वारा बीएलओ को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं और वेतन रोकने तक का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार दफ्तर बुलाकर अपमानित भी किया जाता है। उन्होंने कहा कि काम के लिए बीएलओ अपने निजी मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। टैबलेट जैसी कोई सुविधा नहीं दी गई, जबकि मोबाइल पर यह काम बेहद कठिन है। बार-बार कैप्चा भरने और सर्वर डाउन होने से परेशानी और बढ़ जाती है। बीएलओ की मांग है कि हर 13 बूथों पर एक मास्टर ट्रेनर नियुक्त किया जाए, कंप्यूटर फैकल्टी से डेटा फीड कराया जाए और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बीएलओ की व्यवस्था की जाए।

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