बूंदी के विशिष्ट न्यायाधीश संजय कुमार गुप्ता की अदालत ने एक संगीन मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। मां और बेटे पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला करने के मामले में आरोपी को 7 साल की सजा और 16 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया गया है। घटना 4 अक्टूबर 2015 की शाम करीब 7 बजे की है। ठीकरिया चारणान गांव की 60 वर्षीय पार्वती बाई और उनके बेटे रामस्वरूप के साथ हुई। उस दिन रामशंकर पुत्र जगन्नाथ गुर्जर ने रामस्वरूप को घर से बाहर बुलाया। जैसे ही रामस्वरूप बाहर आया और उसकी मां पार्वती भी पीछे-पीछे आईं, रामशंकर ने धारदार गंडासी से रामस्वरूप के सिर पर वार कर दिया। जब पार्वती बाई ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो दूसरे आरोपी नेवालाल पुत्र जगन्नाथ ने गंडासी से उनकी दाहिनी कलाई पर वार कर दिया, जिससे खून निकल आया। इस दौरान दुर्गालाल और धनपाल ने आकर दोनों पक्षों को अलग किया। आरोपियों ने रामस्वरूप को जान से मारने की नीयत से हमला किया था। न्यायालय ने सभी गवाहों और सबूतों के आधार पर दोषी को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई है। मामले में तोषनीवाल विशिष्ट लोक अभियोजक ने पैरवी करते हुए 13 गवाह और 18 दस्तावेज पेश किया।


