एसीबी: फर्जी बैंक गारंटी को जांचा क्यों नहीं? गजेंद्र: अफसरों ने जैसा कहा, वैसा किया

शराब घोटाले में एसीबी ने उत्पाद विभाग के तत्कालीन संयुक्त आयुक्त गजेंद्र सिंह से लंबी पूछताछ की। आईएएस अधिकारी विनय चौबे को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था। लेकिन स्वास्थ्य का हवाला देकर वे उपस्थित नहीं हुए। विनय चौबे अभी रिम्स में भर्ती हैं। ये दोनों दो दिन की रिमांड पर हैं। सूत्रों के मुताबिक पहले दिन गजेंद्र सिंह से प्लेसमेंट एजेसियों की ओर से दिए गए फर्जी बैंक गारंटी से संबंधित सवाल पूछे गए। एसीबी ने पूछा कि विजन हॉस्पिटैलिटी सर्विस एंड कंसल्टेंट प्रा. लि. ने 12 अगस्त 2023 को 5.35 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी जमा की। फिर 28 दिसंबर 2023 को इसे बदलकर नई बैंक गारंटी दी। इसमें महेश सिदगे का हस्ताक्षर था। बताया गया कि की-मैनेजमेंट में बदलाव के कारण बैंक गारंटी बदली गई है। इसके साथ पंजाब एंड सिंध बैंक की बैंक गारंटी उपलब्ध कराई गई। उस बैंक गारंटी का सत्यापन क्यों नहीं कराया? जवाब में गजेंद्र सिंह ने कहा-विभाग के वरीय अधिकारियों का जो निर्देश मिला, उसके आधार पर ही उन्होंने काम किया। एसीबी ने पूछा-19 मार्च 2025 को आईटी प्रबंधक अमर कुमार मेहता और लेखापाल अमित कुमार ने जब बताया कि बैंक के शाखा प्रबंधक के मुताबिक बैंक ने न तो कोई गारंटी जारी की है और न ही लेटर हेड, सिग्नेचर और स्टांप बैंक से संबंधित है। इसके बाद क्या किया? इस पर गजेंद्र ने कहा-झारखंड बिवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड को इस संबंध में 8 अप्रैल को स्पष्टीकरण मांगने को कहा था। जवाब में विजन हॉस्पिटैलिटी सर्विस एंड कंसल्टेंट के निदेशक महेश सिदगे ने बताया था कि उनके लोकल प्रतिनिधि नीरज कुमार सिंह व श्याम शरण ने धोखाधड़ी कर उस कार्य को अंजाम दिया था। -शेष पेज 11 पर चौबे व गजेंद्र सिंह समेत 4 सस्पेंड विनय चौबे और गजेंद्र सिंह को गिरफ्तारी के नौवें दिन गुरुवार को सस्पेंड कर दिया गया। इन्हें गिरफ्तारी के दिन 20 मई से ही निलंबित किया गया है। इस संबंध में आदेश जारी कर ​दिया गया है। झारखंड विबरेज कॉरपोरेशन के जीएम (वित्त) सुधीर कुमार दास और पूर्व जीएम सुधीर कुमार को भी गिरफ्तारी के दिन 21 मई से निलंबित कर दिया गया है। मेडिकल बोर्ड ने कहा, चौबे से पूछताछ कर सकता है एसीबी: रिम्स में इलाजरत विनय चौबे के स्वास्थ्य को लेकर गुरुवार को मेडिकल बोर्ड बैठा। बोर्ड ने चौबे के स्वास्थ्य की जांच की। बोर्ड ने कहा कि एसीबी विनय चौबे को पूछताछ के लिए ले जा सकता है। लेकिन पूछताछ के बाद रिम्स में भर्ती कराना होगा। यहां उनका इलाज चलता रहेगा। अभी उन्हें छुट्‌टी नहीं दी जा सकती। अब शुक्रवार को उनसे पूछताछ की जा सकती है। विनय चौबे किडनी के मरीज हैं। हाइपरटेंशन व दिल की धड़कन बढ़ने की भी बीमारी है। गजेंद्र सिंह को लेकर एसीबी मुख्यालय पहुंची टीम। विनय चौबे को नहीं भेजा, जेल अधीक्षक व एसीबी के एसपी कोर्ट में तलब विनय चौबे को रिमांड पर न सौंपने का मामला कोर्ट पहुंच गया। एसीबी के जांच अधिकारी विशेष कोर्ट पहुंचे और बताया कि पूछताछ के लिए जेल अधीक्षक ने चौबे को हैंडओवर नहीं किया। इस पर एसीबी के विशेष जज योगेश कुमार सिंह ने जेल अधीक्षक व एसीबी के एसपी को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया। दोपहर बाद 2:30 बजे दोनों अधिकारी कोर्ट में हाजिर हुए। जेल अधीक्षक ने बताया कि विनय चौबे रिम्स में भर्ती हैँ। उन्होंने रिम्स निदेशक को सूचित किया था। लेकिन रिम्स ने न तो विनय चौबे को भेजा और न ही कोई रिपोर्ट दी। कोर्ट ने दोनों को चेतावनी देते हुए आदेश का पालन करने और कोर्ट को सूचित करने का निर्देश दिया।

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