भास्कर न्यूज |लुधियाना ऑटो पार्ट्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी फैसिलिटेशन सेंटर की संचालन समिति की 13वीं बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता गुरप्रीत सिंह कहलों आईपीएफसी प्रमुख व एपीएमए अध्यक्ष ने की, जिन्होंने कहा कि बौद्धिक संपदा ही भारत के औद्योगिक भविष्य की चाबी है। अधिक पेटेंट से ग्राहक अपने आप हमारे पास आएंगे। बैठक में उद्योगों को पेटेंट के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए पेटेंट अवॉर्ड समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया गया, जिसमें देशभर से चुने गए तीन सर्वश्रेष्ठ पेटेंट धारकों को सम्मानित किया जाएगा। आईपी आधारित 2 दिवसीय वर्कशॉप और डिज़ाइन क्लिनिक योजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति का निर्णय लिया गया, जो डिज़ाइन योजनाओं के कार्यान्वयन में मार्गदर्शन करेगा। राजन अलावेदी, आईपीआर विशेषज्ञ ने 8 आगामी ट्रेडमार्क जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी दी और पंजाब के भौगोलिक संकेतकों की महत्ता बताई। एमएसएमई के सहायक निदेशक किशन और वजीर सिंह ने जेड प्रमाणन में आ रही बाधाओं को दूर करने के उपाय सुझाए। जगबीर सिंह सोखी (सिलाई मशीन उद्योग) ने अपने पेटेंट उत्पादों की जानकारी साझा की। डॉ. संजीव कटोच जीएम, इंस्टीट्यूट ऑफ ऑटो पार्ट्स एंड हैंड टूल्स टेक्नोलॉजी ने प्रोडक्ट इनक्यूबेशन और सेंट्रल टूल रूम को नोडल एजेंसी बनाने की बात रखी। सरनपाल सिंह और कपूर ने तकनीकी समाधान और प्रशिक्षु-सलाहकार समन्वय पर फोकस किया। बैठक का संचालन सतिंदर सिंह बरनाला और कुलविंदर सिंह बरनाला ने किया।उपस्थित प्रमुख सदस्य दलजीत सिंह, बलविंदर सिंह, कुलवंत सिंह, सोहन सिंह, तथा उद्योग प्रतिनिधि खुशवीर तूर, गुरजीत सिंह भांबर, बबलदीप सिंह, भोला झा, दविंदर सिंह, अर्जन सिंह व अमीर चंद शामिल रहे। हर महीने बैठक आयोजित करने का सुझाव दिया गया, जिससे आईपी आधारित नवाचार को और बढ़ावा मिलेगा और भारत को वैश्विक औद्योगिक मंच पर मजबूत पहचान मिलेगी। आईपीएफसी की 13वीं बैठक ।


