भास्कर न्यूज़| लुधियाना गुरु गोबिंद सिंह स्टडी सर्कल (जीजीएसएससी), पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पीएयू) इकाई ने शहीद भगत सिंह ऑडिटोरियम, स्टूडेंट्स होम में नए दाखिल छात्रों के लिए स्वागत समारोह आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नवागंतुकों को जीजीएसएससी की दृष्टि और गतिविधियों से अवगत कराना और उन्हें शिक्षा व सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्टता के लिए प्रेरित करना था। डॉ. के.एस. सूरी, संयुक्त निदेशक, छात्र कल्याण, ने छात्रों का स्वागत करते हुए उन्हें पीएयू में उपलब्ध अवसरों का पूरा लाभ उठाने और चरित्र, अनुशासन व टीमवर्क के विकास पर जोर दिया। नए छात्रों को मिला ‘सरबत दा भला’ का संदेश; जीजीएसएससी पीएयू इकाई के संस्थापक सदस्य प्रताप सिंह ने अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे स्टडी सर्कल ने सार्थक गतिविधियों की परंपरा स्थापित की। जीजीएसएससी ओवरसीज मुख्यालय के संयोजक गुरमीत सिंह ने संगठन की व्यापक दृष्टि और सरबत दा भला के सिद्धांत पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में डॉ. मनविंदर सिंह गिल डीन, स्नातकोत्तर अध्ययन, डॉ. चरणजीत सिंह औलख डीन, कृषि कॉलेज और डॉ. मनमोहनजीत सिंह डीन, एग्रीकल्चरल कॉलेज, बलोवाल सौंखड़ी ने छात्रों को शैक्षणिक उत्कृष्टता और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के संतुलन पर प्रेरक विचार साझा किए। डॉ. सरबजीत सिंह, पूर्व विभागाध्यक्ष, कृषि पत्रकारिता एवं भाषाएं, ने छात्रों से संवाद करते हुए गुरबाणी की शिक्षाओं से आध्यात्मिक प्रेरणा दी और नैतिक मूल्यों पर बल दिया। कार्यक्रम का समापन जीजीएसएससी पीएयू इकाई के अध्यक्ष डॉ. बूटा सिंह ढिल्लों के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिन्होंने सभी गणमान्य अतिथियों, आयोजकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। 160 से अधिक छात्रों सहित एस. जसपाल सिंह कोच जोनल सचिव, लुधियाना, जसपाल सिंह पिंकी समन्वयक, भाई समुंद सिंह गुरमत संगीत अकादमी, डॉ. रूपिंदर कौर तूर, डॉ. बिक्रमजीत सिंह, डॉ. मनजोत कौर, डॉ. सुमेधा भंडारी, डॉ. अमनदीप सिंह बराड़, डॉ. संदीप सिंह बराड़, डॉ. धर्मिंदर सिंह और सतवीर सिंह भी उपस्थित रहे। स्वागत समारोह ने न केवल नए छात्रों को जीजीएसएससी की विरासत और मूल्यों से परिचित कराया, बल्कि प्रेरणा, एकता और सेवा की भावना से भरा वातावरण भी तैयार किया।


