कंपनी बाग क्लब विवाद:प्रधान सुखदेव सिंह छीना की अमृतसर विकास मंच को बहस की चुनौती

गुरमीत लूथरा । अमृतसर सर्विस क्लब के निर्विरोध प्रधान चुने सुखदेव सिंह छीना ने दावा किया कि कंपनी बाग स्थापित क्लब कानूनी तौर पर ही स्थापित किए गए थे। कानूनी तरीके से ही इनका प्रबंधन चल रहा है। लीगल तौर से चल रहे क्लब्स को अमृतसर विकास मंच यहां से स्थनांतरित नहीं करवा पाएगा। पिछले 17 साल से क्लब के प्रधान पद पर बिराजमान छीना ने दैनिक भास्कर से बातचीत में विकास मंच के पदाधिकारियों को इस मुद्दे पर बहस करने की चुनौती देते हुए कहा कि वह इस मसले पर मंच के पदाधिकारियों से किसी भी स्थल पर किसी भी समय बहस करने के लिए तैयार हैं। गौरतलब है कि मंच की तरफ से पदाधिकारियों ने पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में इन क्लबों को यहां से स्थनांतरित करने के लिए याचिका दायर की हुई है, उक्त याचिका हाईकोर्ट के विचाराधीन है। छीना ने खुलासा किया कि वह मंच के प्रधान कुलवंत सिंह अणखी व अन्यों के साथ इस मसले पर किसी भी समय टेबल टॉक करने को तैयार हैं। इस टेबल टाक में मंच के पदाधिकारियों की पराजय होना तय है। विकास मंच के पदाधिकारी ही टेबल पर आने को तैयार नहीं हैं। छीना ने बताया कि 84 एकड़ में फैले इस कंपनी बाग में से 29 एकड़ जगह में महाराजा रणजीत सिंह का समर पैलेस निर्मित है शेष जगह लोगों के लिए सैरगाह है। तीनों क्लबों के सदस्य व पब्लिक भी क्लबों व बाग में प्रतिदिन सैर करती है। उन्होंने खुलासा किया कि पंजाब सरकार भी इन क्लबों को यहां से हटाने की पक्षधर नहीं है। पंजाब सरकार के समय-समय के मुख्य सचिवों, सचिवों, संबंधित लोकल बाडी विभाग के मंत्रियों व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की क्लब प्रधानों की कई बार हुई बैठक में भी यह फैसला हो चुका है कि 100 साल पुराने इन क्लबों को सरकार यहां से स्थनांतरित नहीं होने देगी। सरकार ने अदालत में भी अपने पक्ष रख दिया है। छीना ने कहा कि यूं तो उन्होंने क्लब प्रधान रहते हुए काफी सुधार करवाएं हैं लेकिन फिलहाल केस अदालत मंें होने के चलते निर्माण व विकास कार्य नहीं करवाए जा सकते हैं। केस क्लबों के पक्ष में होते ही वह सर्विस क्लब को फाइव स्टार होटल बना देंगे। फिलहाल तो उन्होंने इसे फेमिली क्लब बनाने में सफलता अर्जित की है। यही नहीं इस क्लब का माहौल बुजुर्गों के लिए तो ओल्ड एज होम की तरह है। यहां बुर्जुग अपना अकेलापन दूर करते हैं, साथी बुजर्गों व युवाओं से हंसते खेलते, खुलकर बतियाते हैं, खाते पीते हैं। उनके लिए यह ओल्ड एज होम से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय 1900 से अधिक इस क्लब के सदस्य हैं। क्लब की इंडस्ट्रलिस्ट के लिए मैंबरशिप फीस 3 लाख रुपए, प्रोफेशनल्स डाक्टर, इंजीनियर इत्यादि के लिए 2 लाख तथा महकमे के अधिकारियों के लिए 1.44 लाख रुपए है। यूं तो मैंबरशिप पहले से ही काफी ज्यादा है लेकिन वह अदालती केस खत्म होने के बाद इसमें इजाफा करने का फैसला करेंगे। उपप्रधान सुभाष अरोड़ा ने विरोधी गुट के एडवोकेट मिलाप सिंह भट्टी को 223 मतों के अंतर से पराजित किया, अरोड़ा को 305 तथा मिलाप सिंह को मात्र 82 मत पड़े। इसी तरह, सचिव डा. विश्वा बंधू महाजन ने विरोधी गुट के तेजिंदर सिंह अरोड़ा को 152 मतों के अतर से पराजित किया। महाजन को 235 जबकि तेजिंदर सिंह को मात्र 83 मत ही पड़े। इसी तरह छीना गुट के ही संयुक्त सचिव यज्ञदत्त अग्रवाल ने अपने विरोधी गुट के लखविंदर सिह भाटिया को 147 मतों के अंतर से पराजित किया। अग्रवाल को 198 जबकि लखविंदर सिंह को मात्र 51 मत ही पड़े। यूनाइटिड ग्रुप के प्रधान पद के उम्मीदवार डा. राकेश शर्मा को अयोग्य करार देने के नतीजन छीना चुनाव की निर्धारित तिथि से 2 दिन पहले ही प्रधान घोषित कर दिए गए हैं। 23 नवंबर को पदाधिकारियों व कार्यकारिणी के हुए चुनाव में भी छीना गुट ने जीत का परचम लहराया है। मतदान के नतीजों के तहत छीना गुट के सुभाष अरोड़ा उपप्रधान, डा. विश्वबंधु महाजन सचिव, यज्ञदत्त अग्रवाल लिटल संयुक्त सचिव मनोनीत किए गए हैं।

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