भास्कर न्यूज | अमृतसर पुलिस प्रशासन ने सोमवार रात को दिल्ली से आई एनएसजी टीम के साथ मिलकर श्री दुर्ग्याणा तीर्थ में मॉकड्रिल की। इस अचानक की गई कार्रवाई के कारण मंदिर में माथा टेकने आए श्रद्धालुओं को बिना दर्शन किए ही वापस लौटना पड़ा। सोमवार रात करीब साढ़े 8 बजे 200 से अधिक पुलिस कर्मचारी श्री दुर्ग्याणा तीर्थ पहुंचे। रात करीब 10 बजे मॉकड्रिल शुरू करने से पहले पुलिस ने सभी दुकानें बंद करवा दीं और सड़क का मुख्य गेट बंद करके पुलिस कर्मचारी तैनात कर दिए। छोटे रास्तों पर भी बैरिकेड लगाकर आवाजाही रोक दी गई। जिससे मंदिर में माथा टेकने आए भक्तों को बिना माथा टेकने के बिना वापस जाना पड़ा। वहीं दुर्ग्याणा कमेटी के अधिकारियों का कहना है कि पुलिस प्रशासन ने मॉकड्रिल मंदिर के बंद होने के बाद करनी है। उस समय मंदिर बंद होंगे और कोई श्रद्धालु नहीं होंगे। इस्लामाबाद वासी सविता, लाहोरी गेट वासी मीना, घी मंडी वासी हरीश कुमार, तरसेम लाल, प्रवीण कुमारी, नवलदीप ने बताया कि वह रोजाना रात को आरती के समय मंदिर में माथा टेकने आते हैं। सोमवार रात करीब साढ़े 8 बजे जैसे ही वह मंदिर में जाने लगे तो पुलिस कर्मचारियों ने मेन गेट बंद कर रखा था। बाहर तैनात पुलिस कर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। वहीं जब छोटे रास्ते से माथा टेकने जाने लगे को वहां बैरिकेट लगाकर रास्ता रोका गया। जिसके कारण वह मंदिर में माथा टेकने से वंचित रहे।


