धुर्वा स्थित झारखंड पुलिस मुख्यालय के डाटा सेंटर के डेवलपमेंट रूम में मंगलवार की सुबह 5 बजे शार्ट सर्किट से आग लग गई। आगजनी में अपलोडिंग से संबंधित कुछ हार्ड कॉपी, अभिलेख, डेवलपमेंट रूम के कुछ फर्नीचर, कंप्यूटर का सीपीयू, मॉनीटर और एसी उपकरण जल गए। जिस कमरे में आग लगी वहां झारखंड पुलिस का सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम), इन-हाउस सॉफ्टवेयर टीम और विशेष शाखा की एचआरएमएस (एचआर मैनेजमेंट सिस्टम) सेक्शन काम कर रहा था। आगजनी की घटना की जानकारी मिलते ही वहां उपस्थित कर्मियों ने तत्परता दिखाई। आसपास में आग बुझाने के जो यंत्र रखे गए थे, उसके जरिए आग बुझाने की कोशिश की गई। इस वजह से जो महत्वपूर्ण प्रणाली थे उसमें आग नहीं लगी और कोई क्षति नहीं पहुंचा। झारखंड पुलिस का पूरा इंट्रा और पब्लिक सर्विस सुचारू रूप से संचालित है। घटना की सूचना तुरंत फायर ब्रिगेड टीम को दी गई। सुबह 5.30 बजे फायर ब्रिगेड की टीम भी पुलिस मुख्यालय पहुंच गई। करीब एक घंटे के अंदर लगी आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। इसकी सूचना विशेष शाखा के डीआईजी को भी दी गई कि तुरंत आकर स्थिति का जायजा ले। सूचना मिलते ही डीआईजी विशेष शाखा मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद सभी महत्वपूर्ण प्रणालियों और उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई ताकि किसी भी महत्वपूर्ण सेवा को कोई नुकसान न पहुंचे। ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए किए जा रहे निवारक उपाय… पुलिस प्रवक्ता सह आईजी अभियान डॉ माइकल राज एस ने बताया कि मौके पर मौजूद कर्मियों ने तुरंत सक्रियता दिखाई, जिससे अन्य सभी महत्वपूर्ण तंत्र और उपकरण सुरक्षित बचा लिए गए। अगलगी की इस घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षात्मक और निवारक उपाय भी किए जा रहे हैं। सभी आंतरिक और सार्वजनिक सेवाएं सुचारु रूप से चल रहीं पुलिस मुख्यालय से जारी बयान के अनुसार, इस घटना से झारखंड पुलिस की सभी आंतरिक और सार्वजनिक सेवाएं सुचारु रूप से चल रही हैं। किसी भी महत्वपूर्ण प्रणाली में कोई क्षति नहीं हुई है। पुलिस मुख्यालय के कुछ कर्मियों ने बताया कि आग डेटा सेंटर के पहले माले तक ही सीमित रही, वरना नुकसान और भी बड़ा हो सकता था।


