साउथ वेस्ट माइनिंग की ओर से करीब 4 साल पूर्व 35 लाख रुपए की ट्रोमल मशीन नगर परिषद दी थी ताकि शहर से निकलने वाले कचरे का निस्तारण हो और उस कचरे को रिसाइकिल कर बेचा जा सके। इसके लिए गेहूं रोड पर मशीन को स्थापित किया गया, लेकिन नगर परिषद की ओर से इस मशीन का संचालन अल्प समय के लिए करके रोक दिया। अब यह मशीन बंद होने से शहर से निकाले जा रहे कचरे के गेहूं रोड पर ढेर लग गए है। कचरे से प्लास्टिक, रेत और पत्थर को अलग करना था। इसके बाद इन्हें बेचने का प्रावधान था ताकि कचरे का निस्तारण हो सके। नगर परिषद अधिकारियों के अनुसार इस मशीन को जनवरी-फरवरी में दो माह के लिए कुछ समय चलाया था। इसके बाद से बंद है। डीएलबी से ट्रोमल मशीन संचालन के लिए दो बार टेंडर किए गए थे। 40 लाख रुपए का टेंडर था, जिसमें मशीन का संचालन करना और उसके कचरे से अपशिष्ट को अलग-अलग करके बेचना है। डीएलबी से टेंडर के बाद मशीन का संचालन ही नहीं हो रहा है। 8 महीने में डंपिंग यार्ड का कचरा खत्म करना था, पहाड़ बनते गए 4 साल पहले गेहूं रोड डंपिंग यार्ड में ट्रोमल मशीन और जेसीबी मशीन नगर परिषद को सुपुर्द की गई थी। कचरे की मशीन का भी उद्घाटन किया और कलेक्टर और नेताओं की ओर से इसका फीता भी काटा। तत्कालीन जिला कलेक्टर लोक बंधु ने कहा था कि बाड़मेर शहर का कचरे का निस्तारण किया जाएगा। गेहूं गांव में इकट्ठा कचरे को 8 महीने में खत्म कर देंगे। लंबे समय से गेहूं रोड के लोग कचरा निस्तारण की मांग कर रहे हैं। हाल ये है कि गेहूं रोड डंपिंग यार्ड में कचरे के ढेर लगे है। करीब 300 मीटर से ज्यादा एरिया में कचरे के पहाड़ बने है। सीएसआर फंड से साउथ वेस्ट माइनिंग लि. की ओर से 67 लाख रुपए की मशीनरी नगर परिषद को दी थी।


