खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल फिर हाईकोर्ट पहुंचे:पैरोल न देने के पंजाब सरकार के फैसले को चुनौती दी; सोमवार को सुनवाई होगी

पंजाब से खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल सिंह फिर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। उन्होंने संसद सत्र में हिस्सा लेने के लिए पैरोल न देने के पंजाब सरकार के फैसले को चुनौती दी है। इस मामले में सोमवार को सुनवाई होगी। इससे पहले हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को अमृतपाल की पैरोल पर एक हफ्ते में फैसला लेने को कहा था लेकिन सरकार ने उसे खारिज कर दिया। इस संबंध में DC और SSP ने रिपोर्ट दी कि अमृतपाल को पैरोल से माहौल बिगड़ सकता है। अमृतपाल इस वक्त NSA के केस में असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं। वह 2024 में खडूर साहिब सीट से करीब 2 लाख वोटों से चुनाव जीतकर जेल में रहते ही चुनाव जीत गए थे। अमृतसर के DC-SSP ने कहा था- कानून व्यवस्था बिगड़ेगी
सांसद को पैरोल ने देने का फैसला पंजाब सरकार ने जिला स्तर पर आई रिपोर्ट के आधार पर लिया था। सूत्रों के मुताबिक, अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर और जिले के पुलिस अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने कहा है कि अगर अमृतपाल सिंह को रिहाई दी गई तो कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा हो सकता है। अमृतपाल की तरफ से याचिका में NSA की धारा 15 का हवाला दिया गया था, इसके धारा में बंदी को विशेष परिस्थिति में पैरोल देने का अधिकार है। उनकी याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश देकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के पास ट्रांसफर कर दिया था। पिता ने कहा था- निजी काम या घर के लिए नहीं मांगी पैरोल
अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने कहा कि पैरोल मांगने का उद्देश्य सिर्फ इतना था कि उनका बेटा संसद के शीतकालीन सत्र में शामिल होकर पंजाब और सिख समुदाय के महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रख सके। उन्होंने दावा किया कि यह पैरोल कभी भी निजी काम या घर आने के लिए नहीं मांगी गई थी। हाईकोर्ट ने 3 तर्क से सरकार को आदेश दिया था…

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