जोधपुर के माचिया सफारी पार्क में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार गुजरात के जूनागढ़ स्थित सक्करबाग जूलॉजिकल पार्क से मादा बाघिन पहुंच गई है। बाघिन को फिलहाल क्वारेंटाइन ज़ोन में बाघ ‘एंथोनी’ के पिंजरे के पास रखा गया है, जहां वह करीब एक महीने तक बिल्कुल शांत और एकांत माहौल में रहेगी, इसके बाद ही उसे दर्शकों के लिए खोला जाएगा। वन विभाग ने सेंट्रल जू अथॉरिटी, राजस्थान वन मुख्यालय और गुजरात वन विभाग की अनुमति के बाद एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत सक्करबाग जूलॉजिकल पार्क को पांच चिंकारे देकर बदले में यह टाइग्रेस माचिया लाई है। हालांकि, इससे पहले दो दिन तक खुद वनकर्मी भी सफेद बाघ वाली फोटो के चक्कर में कंन्फ्यूज रहे। हालांकि, यह कंफ्यूजन बाघिन के जोधपुर पहुंचने पर खत्म हो गया। कैसे पहुंची बाघिन, क्या हैं रख-रखाव की तैयारी बुधवार सुबह विशेष ट्रांसपोर्टेशन के जरिए बाघिन को जोधपुर लाया गया और सीधे क्वारेंटाइन क्षेत्र में शिफ्ट किया गया। यहां किसी बाहरी व्यक्ति की एंट्री पर रोक है और सुरक्षा के लिए आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्टों में वनकर्मी तैनात किए गए हैं, जबकि पूरे इलाके की 24 घंटे CCTV से निगरानी हो रही है। पशु चिकित्सक डॉ. कंचन सारस्वत व उनकी टीम बाघिन के स्वास्थ्य, खान-पान और व्यवहार की नियमित मॉनिटरिंग कर रही है। उपवन संरक्षक (वन्यजीव) रमेश मूंड के अनुसार, अगला एक महीना बाघिन को एकांत में रखकर उसके व्यवहार और सेहत का विस्तार से अध्ययन किया जाएगा, उसके बाद ही दर्शक इसे देख सकें, उस पर फैसला लिया जाएगा। एंथोनी के लिए नई साथी, ब्रीडिंग प्रोग्राम में नई उम्मीद मई 2024 में माचिया की बाघिन ‘अंबिका’ की हार्ट अटैक से मौत के बाद बाघ ‘एंथोनी’ अकेला पड़ गया था और ब्रीडिंग प्रोग्राम भी ठहराव की स्थिति में आ गया था। नई मादा बाघिन के आने से अब एंथोनी को साथी मिलने की उम्मीद पूरी होगी, साथ ही प्रजनन कार्यक्रम को भी नई गति मिलने की संभावना है। वन विभाग का मानना है कि जोड़ी बनने और भविष्य में क्यूब्स आने की स्थिति बनती है, तो माचिया उद्यान का आकर्षण बढ़ेगा और यहां पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा हो सकता है। लंबे समय से खाली पड़े टाइगर एनक्लोजर में अब सक्रियता बढ़ने से वनकर्मियों के चेहरे पर भी खिले नजर आ रहे हैं। रेंजर की वायरल फोटो से दो दिन चला ‘सफेद बाघ’ का कन्फ्यूजन नई बाघिन के आने की तैयारियों के बीच माचिया रेंजर करणसिंह राजपुरोहित की एक फोटो ने विभाग के भीतर अलग तरह की हलचल मचा दी। राजपुरोहित ने जूनागढ़ के सक्करबाग जू में मौजूद सफेद टाइगर के साथ अपने मोबाइल से फोटो खिंचवाई, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। फोटो देखते ही कई वनकर्मी और परिचितों ने यह मान लिया कि जोधपुर में भी सफेद बाघ पहुंच गया है और उन्होंने बधाई संदेश और कॉल करने शुरू कर दिए। बाद में वन विभाग की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि तस्वीर जूनागढ़ जू की है, जोधपुर माचिया में सिर्फ नई मादा बाघिन लाई गई है, सफेद टाइगर नहीं।


