कोलार रोड थाने के विस्तृत क्षेत्र और यहां होने वाली आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए यहां नया कजलीखेड़ा थाना मंजूर किया गया है। लेकिन ये शुरू होने से पहले ही विवाद में उलझ गया है। न तो यहां बल की स्वीकृति मिली है, न सीमांकन स्पष्ट हुआ है। सीमा विवाद सुलझाने के लिए अब कजलीखेड़ा थाने में शामिल किए गए 40 इलाकों में से 06 इलाकों को वापस कोलार थाना क्षेत्र में देने का नया प्रस्ताव तैयार किया गया है। दरअसल, ये इलाके कजलीखेड़ा थाने से 6 से 8 किलोमीटर दूर है, जबकि कोलार थाने की दूरी 1 से 2 किलोमीटर ही है। विवाद की शुरुआत गेहूंखेड़ा, प्रियंका नगर, फेथकला, बैरागढ़ चीचली, सोहागपुर और साईं सिद्धा होम्स कॉलोनी को कजलीखेड़ा थाना क्षेत्र में शामिल करने पर हुई। ये सभी डी मार्ट और उसके आसपास के इलाके हैं। यह सीमांकन तत्कालीन कोलार थाना प्रभारी की सिफारिश पर हुआ था, जिसे मंजूर कर लिया गया था। नतीजा यह हुआ कि कजलीखेड़ा थाना बनने से पहले ही उसका सबसे व्यस्त इलाका डी मार्ट और उससे लगी कॉलोनियां विवाद का कारण बन गईं। पुलिसिंग की दृष्टि से यह निर्णय अव्यावहारिक माना जा रहा है। सुरक्षा, पेट्रोलिंग और त्वरित कार्रवाई के लिहाज से यह दूरी ज्यादा है। थाना सिर्फ नाम और नक्शे में… फाइलों में अटका सारा काम शासन ने कजलीखेड़ा थाना को मंजूरी जरूर दे दी, लेकिन बल की स्वीकृति अब तक नहीं मिली है। न ही भवन का निर्माण शुरू हुआ है। मौजूदा बल से ही थाना संचालित करने का प्रस्ताव है। लेकिन वह भी फाइलों में अटका हुआ है। फिलहाल सिर्फ नाम और नक्शे में थाना मौजूद है। पुलिस अधिकारी भी मान रहे हैं कि कजलीखेड़ा थाना बनना जरूरी है, लेकिन सीमांकन सही किए बिना शुरू करने से आने वाले समय में और दिक्कतें बढ़ेंगी। 72 वर्ग किमी से 12 वर्ग किमी में सिमटा
अभी कोलार थाना क्षेत्र 72 वर्ग किमी में फैला हुआ है। इसके 40 ग्राम व मोहल्लों को काटकर कजलीखेड़ा थाना बनाने से क्षेत्र 12 किमी रह गया। अब नया प्रस्ताव पुलिस कमिश्नर के जरिये पुलिस मुख्यालय भेजा गया है। ये छह इलाके कोलार में वापस जोड़ने से कोलार थाने का एरिया 20 वर्ग किमी और कजलीखेड़ा का 52 वर्ग किमी हो जाएगा। कजलीखेड़ा इलाके की 250 से ज्यादा एफआईआर सालाना कोलार थाने में दर्ज होती हैं। पुलिस मुख्यालय भेजा प्रस्ताव
कजलीखेड़ा के छह गांव वापस कोलार थाने में शामिल करने का प्रस्ताव है। सीमांकन की प्रक्रिया चल रही है। प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय भेजा गया है। इसके बाद बिल्डिंग निर्माण शुरू किया जाएगा। वर्तमान में कजलीखेड़ा चौकी संचालित है। -हरिनारायणचारी मिश्रा, पुलिस कमिश्नर, भोपाल


