कटनी जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने से पहले अवैध भंडारण पर कार्रवाई की गई है। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर खाद्य, कृषि और उपज मंडी के संयुक्त जांच दल ने अब तक 56,802 क्विंटल धान जब्त की है। इस धान की निकासी पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। व्यापारियों और गोदाम संचालकों से कुल 11 लाख 47 हजार 196 रुपए की राशि वसूली गई है। इसमें 8 लाख 21 हजार 662 रुपए 5 गुना मंडी शुल्क, 1 लाख 64 हजार 334 रुपए निराश्रित शुल्क और 1 लाख 61 हजार 200 रुपए समझौता शुल्क शामिल है। जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि नवंबर महीने से अब तक कटनी तहसील में 12 वेयरहाउस और 5 वाहनों से 42,889.05 क्विंटल धान जब्त की गई। इस पर व्यापारियों से 4 लाख 86 हजार 112 रुपए वसूले गए। दो तहसीलों में अवैध धान भंडारण पकड़ा गया इसी प्रकार, बड़वारा तहसील में तीन फर्मों से 1,902.54 क्विंटल धान का अवैध भंडारण मिला, जिस पर 1 लाख 46 हजार 560 रुपए का शुल्क वसूला गया। रीठी तहसील में चार फर्मों और एक वाहन से 2,210.2 क्विंटल धान जब्त की गई, जिस पर 79 हजार 624 रुपए वसूले गए। जबकि बहोरीबंद तहसील में चार फर्मों से 2,827.5 क्विंटल धान का भंडारण पाया गया, जिस पर 3 हजार 384 रुपए की वसूली हुई। विजयराघवगढ़ में अवैध धान भंडारण पर 2.49 लाख की वसूली वहीं विजयराघवगढ़ तहसील में अब तक 4 फर्मो में कुल 2 हजार 754.08 क्विंटल धान का भंडारण पाया गया। जिस पर 5 गुना मंडी शुल्क, निराश्रित शुल्क और समझौता शुल्क मिलाकर कुल 2 लाख 49 हजार 444 रुपए व्यापारियों से वसूले गए। इसके अलावा स्लीमनाबाद व ढ़ीमरखेड़ा तहसील में अब तक 5 फर्मो में कुल 4 हजार 218.8 क्विंटल धान का भंडारण पाया गया। जिस पर 5 गुना मंडी शुल्क, निराश्रित शुल्क और समझौता शुल्क मिलाकर कुल 1 लाख 82 हजार 72 रुपए व्यापारियों से वसूले गये। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने के काफी पहले से ही कलेक्टर तिवारी के निर्देश पर जिले में धान के अवैध परिवहन और भंडारण पर कड़ी नजर रखी जा रही है और कार्रवाइयां भी की गई हैं। खाद्य, राजस्व और कृषि उपज मंडी के अधिकारियों के संयुक्त दल द्वारा यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।


